रेलवे को लाखों का फटका : विजीलैंस विभाग ने पार्सल विभाग में मारा छापा, रंगे हाथ पकड़े 3 कर्मचारी

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Wednesday, November 23, 2016-8:05 AM

चंडीगढ़ (लल्लन) : चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के पार्सल विंग में गड़बड़झाला चल रहा है, जिससे आए दिन रेलवे को लाखों का फटका लग रहा है। विजीलैंस जांच में भी पार्सल विभाग के रिकार्ड में कई गड़बडिय़ां पाई गईं, जिसके बाद पार्सल विभाग के तीन कर्मचारियों पर सख्त कारवाई की जा सकती है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विजीलैंस विभाग की ओर से कब्जे में ली गई फाइलों में कई तरह की गड़बडिय़ां व काट-छांट पाई गई है। 

 

रेलवे विजीलैंस ने चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के पार्सल विभाग से सारी फाइलें मंगवा ली हैं, जिसको लेकर चंडीगढ़ रेलवे पार्सल विभाग के कर्मचारियों का चेहरे के रंग उड़ गए हैं। विजीलैंस विभाग को शिकायत मिलने के बाद पार्सल विभाग में छापा मारा गया था, जिसके बाद पार्सल विभाग के तीन कर्मचारियों को रंगों हाथों अधिक राशि के साथ पकड़ा गया। जिसमें सतपाल सिंह पार्सल मार्का मैन, राजेंद्र और राजेश शामिल थे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इन लोगों के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें आ चुकी हैं।

 

सामान किसी का डिलीवरी किसी को
पार्सल विभाग के अधिकारियों की लापरवाही का अनुमान इससे भी लगाया जा सकता है कि जो सामान ट्रेन द्वारा आता है, उसमें बिल्टी किसी और के नाम होती है जबकि पार्सल विभाग के अधिकारियों की ओर से सामान किसी और को दे दिया जाता हैं। ऐसे में रेलवे को  लाखों रुपए का नुक्सान होता हैं जोकि हर्जाने व सामान के बीमा राशि के रूप में जाता है । इस संबंध में अधिकारियों का कहना हैं कि जब बिल्टी किसी और नाम से हो तो ऐसे में जो व्यक्ति सामान लेने आता हैं। 

 

उसे रेलवे द्वारा दिए गए 50 रूपए का बेल बांड भरना पड़ता हैं लेकिन एजैंटों व पार्सल विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के कारण किसी भी एजैंट का बेल बांड नहीं भरा जाता है। ऐसे में रेलवे को आए दिन काफी नुक्सान हो रहा है। यही नहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पार्सल विभाग में एजैंटों का दबदबा इतना अधिक है कि वह पार्सल विभाग के रजिस्टर में एंट्री बाद में करते हैं जबकि सामान पहले रख लेते हैं। 


 

किया था निरीक्षण
रेलवे विजीलैंस टीम ने 14 अक्तूबर को चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के पार्सल सैक्शन पर औचक निरीक्षण कर 3 व्यक्तियो को काबू किया था। चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के पार्सल रूम में तैनात 3 कर्मचारियों को रिकॉर्ड से अधिक पैसे रखने का आरोपी बनाया गया था, उस वक्त रिकॉर्ड में भी काफी खामियां मिली थीं। 

 

दोबारा मंगवाया रिकार्ड
जानकारी के अनुसार विभाग की ओर से कब्जे में ली गई फाइलें व रजिस्टर में गड़बड़ी मिलने के बाद विजीलैंस विभाग ने गंभीरता से विचार करते हुए चंडीगढ़ पार्सल विभाग से ओर भी फाइलें व रजिस्टर जांच के लिए दिल्ली मंगाए हैं। ऐसे में अधिकारियों का कहना है कि यदि मंगवाई कई फाइलों में भी गड़बड़ी पाई गई तो तीनों कर्मियों की नौकरी जा सकती है। 

 

लोडिंग कर्मचारी न होने के कारण एजैंट के गुर्गे करते हैं काम
पार्सल विभाग के पास लोडिंग कर्मचारी ना होने के कारण रेलवे स्टेशन पर काम एजैंटों की ओर से अपनी लेबर लगाकर काम किया जा रहा है। लेबर हमेशा प्लेटफार्म पर नहीं रहती है लेकिन लेबर का अभाव होने के कारण आम आदमी का पार्सल प्लेटफार्म पर ही रुका पड़ा है। वहीं जो एजैंट के सामान बुक करवाए जा रहे हैं, वह सी.पी.एस.की ओर से लोड करा दिया जा रहे हैं। 


 


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