अध्यापक अधिकार यात्रा में महिला शिक्षकों ने सिर मुंडवाकर किया विरोध

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Saturday, January 13, 2018-10:14 PM

नेशनल डेस्क: शिक्षा विभाग में अपनी सेवायें संविलयन करने और मध्य प्रदेश के नियमित अध्यापकों के समान दर्जा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही चार अस्थाई अध्यापिकाओं ने शनिवार को अपना ​सिर मुंडवा लिया। आजाद अध्यापक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष शिवराज वर्मा ने कहा कि प्रदेश भर से बडी संख्या में आए अस्थाई अध्यापकों ने यहां भेल क्षेत्र के जम्बूरी मैदान में अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। इनमें से चार अस्थाई अध्यापिकाओं ने अपने सिर का मुंडन कराया, जबकि कई अस्थाई अध्यापिकाओं ने भी अपने केश कटवा कर प्रदर्शन किया।

उन्होंने कहा,‘‘हमें नहीं पता कि हम किस विभाग से संबंधित हैं। शिक्षा विभाग का कहना है कि हम स्थानीय निकायों के कर्मचारी हैं, जबकि स्थानीय निकाय का कहना है कि हम शिक्षा विभाग के कर्मचारी हैं। प्रदेश के 2.88 लाख अस्थायी अध्यापक पिछले कई सालों से एक दर से दूसरे दर भटक रहे हैं।‘‘वर्मा ने कहा कि सरकार की अस्थायी अध्यापकों के प्रति नीति के विरोध में प्रदेशभर से आए अस्थायी अध्यापकों ने  प्रदर्शन किया और चार अध्यापिकाओं शिल्पी शिवान (महू), सीमा क्षीरसागर (अलीराजपुर), अर्चना शर्मा (जबलपुर) और रेणुका सागर (रायसेन) ने अपने सिर मुंडवा लिए।

उन्होंने कहा, ‘‘ हम इन महिला शिक्षकों के केश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह को देना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने हमें मुख्यमंत्री निवास के पास जाने की अनुमति नहीं दी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारी मुख्य मांग है कि हमारी सेवाएं शिक्षा विभाग के तहत कर हमारा संविलयन शिक्षा विभाग में किया जाए और प्रदेश के अन्य नियमित कर्मचारियों के समान हमें सुविधाएं दी जाए।’’ अस्थायी शिक्षकों के प्रदर्शन के दौरान शनिवार को दो अध्यापकों की तबीयत भी खराब हो गई , जिन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।  

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