अफगानिस्तान में सुनसान सड़क पर पड़े कपड़े की थैली को बम समझ कर खोला थैली खोलने पर मिली तौलिए में लिपटी प्यारी सी नवजात लड़की। अंतरराष्ट्रीय शांति सहायता सेना में शामिल पोलैंड के सैनिकों को पहले लगा कि आईडी बिछा कर उनकी गाड़ी उड़ाने की साजिश रची गई है और वो इससे बचने में कामयाब हो गए हैं। पर जैसे ही वो सड़क किनारे रखे सामान की जांच करने लगे तो धड़कन की आवाज आई। आनन फानन में बच्ची को बगल के वागहेज़ मिलिट्री बेस ले जाया गया। डॉक्टर बुलाए गए और उसे ज़रूरी दवाइयां दी गई।
इसके बाद पोलिश सैनिकों को बगल के बाजार में जाकर बच्ची के लिए कपड़े, दूध और दूध पिलाने वाला बोतल खरीदने के लिए भेजा गया। सैनिकों ने इसका नाम पोला रखा है। जहां ये बच्ची मिली उसके एक मील के दायरे में कोई रिहाइश नहीं है।
किसने इस बच्ची को यहां छोड़ा ये पता नहीं चल सका है। अब पोलिश सैनिक पोला को अफगानिस्तान के सरकारी बाल विभाग को सौंपने की तैयारी कर रहे हैं। पोला के मिलने से एक दिन पहले ही मिलिट्री बेस में एक ब्रितानी महिला सैनिक ने बच्चे को जन्म दिया। उसे गर्भवती होने का एहसास नहीं था लेकिन अचानक प्रसव पीड़ा हुई और उसने लड़के को जन्म दिया।