संयोग या इत्तेफाक दो ऐसे शब्द हैं जिनका संबंध ऐसी घटनाओं से होता है जो एक ही समय में एक ही जैसे ढंग से घटती हैं। ऐसी असंख्य घटनाएं हैं जिनमें अजीब संयोग देखने को मिलते हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन 1860 में जबकि जॉन एफ. कैनेडी 1960 में चुने गए थे। दोनों की हत्या शुक्रवार के दिन उनकी पत्नियों की आंखों के सामने की गई थी।


इन दोनों के उत्तराधिकारी राष्ट्रपतियों के नाम भी जॉनसन थे-एंड्रयू जॉनसन का जन्म 1808 में हुआ था और लिंडन जॉनसन का 1908 में। दोनों के हत्यारों जॉन विलकस बूथ (जन्म 1839) तथा ली हार्वे ओसवाल्ड (जन्म 1939) की हत्या चलते मुकद्दमे के दौरान हुई थी। लिंकन के सचिव, जिनका नाम कैनेडी था ने उन्हें थिएटर जाने से रोका था और कैनेडी के सचिव, जिनका नाम लिंकन था ने उन्हें डल्लास जाने से रोका था। बूथ ने लिंकन को एक थिएटर में गोली मारी थी और एक गोदाम की ओर भाग गया था।


ओसवाल्ड ने एक गोदाम से कैनेडी को गोली मारी  थी और वह एक थिएटर की ओर भागा था। दोनों राष्ट्रपतियों के उप नामों में 7 अक्षर थे और दोनों के कातिलों के नामों में 15 अक्षर थे। लिंकन की हत्या के कुछ महीने पहले जब एक छात्र अपने माता-पिता से मिलने जा रहा था तो वह जर्सी सिटी रेलवे स्टेशन पर एक आने वाली ट्रेन के रास्ते में गिर गया था। फिलाडेल्फिया में अपनी बहन से मिलने जा रहे एक अभिनेता ने उसे  बचाया था। छात्र का नाम था राबर्ट लिंकन और अभिनेता था एडविन बूथ। बूथ के बड़े भाई ने ही लिंकन के पिता की हत्या की थी। रॉबर्ट लिंकन तीन राष्ट्रपतियों की हत्या के वक्त मौजूद था।


1865 में वह फॉडर्स थिएटर में गया जहां उनके पिता गंभीर रूप से घायल पड़े थे। 1881 में वह जेम्स गारफील्ड्स साइड सैकंड्स पर मौजूद था जब राष्ट्रपति को गोली मारी गई थी। 20 वर्ष बाद वह न्यूयॉर्क के बफैलो में विलियम मैकिनली को मिलने वाला ही था जब उसे पता चला कि मैकिनली को भी गोली मार दी गई है।