‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’, ‘स्पैशल स्क्वैड’ तथा ‘लैफ्ट राइट लैफ्ट’ में अपनी भूमिकाओं के लिए आज भी याद की जाने वाली गौरी प्रधान तेजवानी का नया घर मुम्बई के वर्सोवा में स्थित है। इससे पहले वह मलाड वैस्ट में रहती थीं। उनके इस घर के बारे में जानने के लिए बातचीत हुई। गौरी को लगता है कि वर्सोवा उनके रहने के लिए सर्वोत्तम स्थान है।
यहां उनके घर के निकट ही एक पार्क स्थित है और सारा इलाका काफी शांत है। साथ ही यह उनके कार्यस्थल के भी निकट है जिससे सफर में अधिक समय व्यर्थ नहीं होता है। उनके घर का हर हिस्सा एक अलग थीम के तहत अनोखे ढंग से तैयार किया गया है। उनके घर में प्रवेश करते ही सामने दीवार पर कांस्य का एक लम्बा-सा वॉल हैंगिंग टंगा दिखाई देता है। इस पर कमल का फूल सुंदर ढंग से नक्काशी किया गया है। दाहिनी ओर चार लोगों के लिए छोटा डाइनिंग टेबल लगा है।
टेबल के ठीक सामने स्थित सफेद रंग की दीवार पर गोल आकार के तीन फूल बने हैं। लिविंग रूम में आगे बढऩे पर काफी स्थान है जिसका उपयुक्त ढंग से प्रयोग किया गया है। यहां रखे सफेद सोफा सैट पर काफी लोगों के बैठने का इंतजाम है। यहां एक ब्राऊन ट्रिपल सीटर चेयर भी है। कमरे में तीन खूबसूरत चीजों पर सहसा ही नजर चली जाती है- दीवार पर टंगी भगवान बुद्ध की पेंटिंग, रंगीन कुशन तथा सोफा सैट पर बना आकर्षक डिजाइन। सब कुछ बेहद साफ, स्वच्छ तथा उपयुक्त स्थान पर रखा है।
गौरी बताती हैं, ‘‘मैं स्वच्छता को लेकर अत्यधिक सजग रहती हूं और सुनिश्चित बनाती हूं कि मेरा घर हर वक्त साफ तथा स्वच्छ रहे।’’ लिविंग रूम के बाद, दाहिनी तरफ बार बनी है। एक छोटे से हिस्से में एक टेबल तथा दो कुर्सियां रखी गई हैं। यह टेबल भूरे रंग के विभिन्न शेड्स में है जिससे यह बेहद रचनात्मक लगता है। फर्श पर एक लम्बा लैम्पशेड रखा गया है जिस पर ब्लैक वर्क किया गया है। इसके एक तरफ दीवार में गुम्बद के आकार की बुक शैल्फ तैयार की गई है जिसमें अनेक किताबें रखी हैं। इसके सामने ही एक और कमरा है जिसे पार्टिशन डोर से अलग किया जा सकता है।
यहां अनेक रोचक आकर्षण हैं जिनमें आईने तथा दीवारें शामिल हैं जिनकी बारीकी पर खास ध्यान दिया गया है।इस कमरे में प्रवेश करते ही खूब शांति तथा गर्मजोशी का अहसास होता है। आईने को खूबसूरत डिजाइन तथा आकार दिया गया है जिसके ऊपर एक क्रॉस लगाया गया है। आईने के ठीक नीचे सफेद रंग के गिलाफ में ढंके गद्दे पर लाल तथा भूरे रंग के कुशन रखे गए हैं जो कमरे की सुंदरता को चार चांद लगाते हैं। कमरे में दो तरफ दीवारों को अलग रूप दिया गया है। दाहिनी तरफ की दीवार में व्हाइट ब्रिक वर्क किया गया है। इसमें से कुछ ईंटें बाहर की ओर निकली हैं जिससे यह अलग तथा अनोखी बन गई है।
इसके ठीक सामने वाली दीवार पर गाढ़े भूरे रंग में पत्तियों का डिजाइन खोदा गया है। गौरी का बैडरूम सफेद तथा भूरे रंग में किए गए लकड़ी के काम की वजह से बेहद खास लगता है। सादे ढंग से डिजाइन किए गए बैडरूम में डबल बैड, वॉल शैल्फ, खिड़की तथा पर्दों जैसी जरूरी चीजें ही दिखाई देती हैं। परंतु इस कमरे में हर आम चीज को रखने का व्यवस्थित ढंग तथा सुंदर तरीके से किया गया रंगों का प्रयोग ही इसे खास बना देता है। खूबसूरत पर्दे इस कमरे की सुंदरता को और बढ़ा देते हैं। बच्चों के कमरे में रंगों तथा डिजाइन का सुमिश्रण दिखता है। सारा कमरा खूब सारे खिलौने से भरा पड़ा है।
एक दीवार पर हाथी, बंदर, शेर, जिराफ आदि जानवरों के सुंदर कार्टून पेंट किए गए हैं। एक बड़ा परंतु कम ऊंचा बैड कमरे के बीचों-बीच रखा गया है। सुरक्षा के नजरिए से बैड के तीन तरफ रेलिंग लगी हैं। कमरे में हल्के तथा गाढ़े रंगों का बढिय़ा मेल दिखाई देता है। गौरी के घर की मॉडर्न किचन भी अन्य हिस्सों से कम नहीं है। यह पूर्णत: काले, भूले तथा नीले रंग में तैयार की गई है। यहीं पर एक कम्पार्टमैंट में प्रार्थना के लिए ईश्वर की फोटोज तथा प्रतिमाएं रखी गई हैं। किचन में स्टोरेज के लिए खूब सारे कपबोडर्स तथा ड्राअर्स का इंतजाम किया गया है। इसके एक हिस्से में माइक्रोवेव, कुकिंग स्टोव तथा उसके ऊपर चिमनी लगी है। यहां भी कुछ कपबोर्डस तथा ड्राअर्स हैं।