लंदन: यदि डायटिंग और जिम में पसीना बहाने के बावजूद वजन बताने वाली मशीन की सुई पीछे नहीं खिसक रही है तो रात को बढिय़ा नींद लीजिए। एक अध्ययन में पाया गया है कि रातभर मीठी नींद सोने से भी मोटापा कम होता है। एक नए शोध के अनुसार, रात को अच्छी नींद नहीं आने पर वजन बढ़ाने वाले हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है।
इसके चलते नींद के मारे लोगों को मीठी और वसायुक्त चीजें खाने की ललक बढ़ती है। नींद के मारे लोगों को थकान और एकाग्रता की कमी से भी जूझना पड़ता है। इससे एक दुष्चक्र पैदा हो जाता है। डेली एक्सप्रेस में यह खबर प्रकाशित हुई है कि नींद की कमी से मीठी चीजों को मन ललचाता है और अपौष्टिक खाना खाने के बाद शरीर पर और चर्बी चढ़ती है।
अमेरिका के चिल्ड्रंस हास्पिटल आफ ईस्टर्न ओंतारियो रिसर्च इंस्टीच्यूट और लावाल यूनिवर्सिटी क्यूबेक के शोधकर्ताओं ने पाया कि साढ़े पांच घंटे से लेकर साढ़े आठ घंटे तक की बढिय़ा नींद और पौष्टिक आहार लेने से वजन कम करने में सहायता मिलती है। शोधकर्ता डा.जीन फिलिप ने कहा कि वजन कम करने का साधारण फार्मूला यह नहीं है कि कम खाइए, अधिक चलिए और खूब सोइए। वजन कम करने के लिए खानपान के साथ ही नींद को भी अनदेखा नहीं किया जा सकता इसलिए भरपूर नींद लें और वजन घटाए।