जब बात पैसे की आती है तो कई ऐसी गलतियां हैं जिनसे बचा जा सकता है। इससे तनाव भी कम होता है। ये गलतियां खर्चा और निवेश करते वक्त हो सकती हैं।


उचित बजट का न होना
बजट बनाना एक अत्यधिक लाभदायक गतिविधि है। इससे न सिर्फ उपलब्ध साधनों के साथ घरेलू जरूरतों को मैनेज करने में सहायता मिलती है बल्कि साथ ही यह महत्वाकांक्षी खर्चों की ओर भी आपका ध्यान खींचता है जैसे एक महंगा परिधान खरीदना। इसके लिए सबसे बढिय़ा तरीका है कि आप प्रत्येक माह की शुरूआत में विभिन्न जरूरतों के लिए विभिन्न पैकेट तैयार कर लें। आपातकाल आने पर कुछ अतिरिक्त  पैसा भी रखें। उदाहरण के लिए महीनेवार राशन, स्कूल के खर्चों, वाहन तथा पैट्रोल के खर्चों, घर से बाहर खाने के खर्चों तथा जरूरत की वस्तुओं के खर्चों के अलग पैकेट बनाए जा सकते हैं।



बिना सोचे खरीदारी
यह भी बजट के अभाव का ही एक अन्य रूप है। इसमें वह खरीदारी शामिल है जो आप सेल्स में करते हैं। इन खरीदी गई चीजों की आपको जरूरत भी नहीं होती। इस गलती को दुरुस्त करने का बढिय़ा तरीका है कि आप योजना बना कर खरीदें और अपने आसपास सबसे बढिय़ा डील की खोज करें।



बुरे समय हेतु योजना न बनाना
हमारे अधिकतर वित्तीय निर्णय हमारी वर्तमान स्थिति से संचालित होते हैं इसलिए यदि आपका स्वास्थ्य अच्छा है तो आप सोच सकते हैं कि लाइफ इंश्योरैंस या हैल्थ इंश्योरैंस के बारे में सोचना व्यर्थ में पैसा गंवाने वाली बात है। इसी प्रकार जिन लोगों के पास काफी पैसा होता है वे भी रिटायरमैंट के समय निवेश संबंधी निर्णयों जैसी दीर्घकालिक जरूरतों को ठंडे बस्ते में डालते रहते हैं।



निवेश के गलत विकल्प चुनना
निवेश के विभिन्न विकल्पों की रिटन्र्स बिल्कुल अलग-अलग हो सकती हैं इसलिए इतना ही काफी नहीं है कि आपने कुछ पैसा बचा कर एक तरफ रखा है। यह भी महत्वपूर्ण है कि आपने अपनी बचत का निवेश सही स्थानों पर किया है ताकि आपको अच्छी रिटन्र्स मिल सकें।



एक ही चीज में निवेश
सही ढंग से अपने निवेशों में विभिन्नता लाना बहुत महत्वपूर्ण है इसलिए विभिन्न बैंकों में एफ.डी. करवाने की योजना बनाएं, म्यूचुअल फंड्स में निवेश करें। एक से अधिक बीमा कम्पनियों से इंश्योरैंस पॉलिसियां खरीदें।

निवेश करते वक्त भावुक होना
महिलाओं तथा भावनाओं का चोली-दामन का साथ होता है। निवेश संबंधी निर्णय लेते समय भावनाओं को एक ओर रखा जाना चाहिए और बहुत ही सोच-समझ कर निवेश किया जाना चाहिए।



नकद सेविंग को दूसरी सेविंग्स के बराबर मानना
आज के उच्च मुद्रास्फीति दर वाले वातावरण में जहां कीमतें बहुत तेजी से बढ़ रही हैं यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम नकद सेविंग को दूसरी सेविंग्स के समान न समझें। उदाहरण के लिए आज यदि एक लाख रुपया निवेश न किया गया तो इसका मूल्य तेजी से घट जाएगा। अगले 25 वर्षों में आज के हिसाब से यह 10 हजार रुपए रह जाएगा। इस गलती से बचने का एक आसान तरीका है एक सही निवेश योजना ताकि महीने बाद बचत आपकी दीर्घकालिक बचतों से अलग रहे।



निवेश में पेशेवर सहायता न लेना
जब आपके खर्चों की बात आती है तो आप और आपका परिवार इस बात का सबसे बेहतर निर्णय ले सकता है कि आपने किस प्रकार की जीवन शैली अपनानी है। जब बात निवेश की आती है तो पेशेवर सहायता बहुत ही जरूरी हो जाती है। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि एक अच्छा प्रशिक्षित सलाहकार आपके साथ जुड़ा हुआ हो। आप सलाह के लिए अपने दोस्तों, सहकर्मियों तथा रिश्तेदारों से भी कह सकते हैं। जायदाद बनानी बहुत मुश्किल नहीं है।


यदि प्रत्येक माह एक एफ.डी. में 10 हजार रुपए 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर पर निवेश किए जाते हैं तो अगले 30 वर्षों में ये 1.50 करोड़ रुपए तक बढ़ सकते हैं। खुशी-खुशी जीवन जीने का मंत्र है बुद्धिमत्तापूर्ण ढंग से खर्च किया जाए और बाद के लिए बुद्धिमतापूर्ण ढंग से ही निवेश किया जाए। सबसे महत्वपूर्ण बात उपरोक्त गलतियों से बचें ताकि वर्तमान के साथ-साथ आपका भविष्य भी उज्ज्वल हो।