मैडीसिन में नोबेल पुरस्कार स्वीडिश केरोलिन्सका इंस्टीच्यूट द्वारा वर्ष में एक बार दिया जाता है। यह पुरस्कार नोबेल फाऊंडेशन द्वारा प्रशासित किया जाता है और इस क्षेत्र में योगदान देने वाले वैज्ञानिकों को दिया जाने वाला यह सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार है। नोबेल की वर्षगांठ के अवसर पर हर वर्ष 10 दिसम्बर को यह पुरस्कार स्टाकहोम में दिया जाता है।
मैडीसिन में हर वर्ष ज्यादा से ज्यादा तीन व्यक्तियों को दो विभिन्न कार्यों के लिए चुना जाता है। इसके प्राप्तकत्र्ता का चयन कैरोलिन्सका इंस्टीच्यूट द्वारा पांच सदस्यों की समिति करती है। पहले चरण में कई हजार लोगों से नामांकन के लिए कहा जाता है। विजेता का चयन होने तक विशेषज्ञों की एक समिति उस पर विचार-विमर्श और पूरी छानबीन करती है। समिति द्वारा नामांकित सदस्यों की स्क्रीङ्क्षनग की जाती है और लगभग 200 लोगों को प्रारम्भिक तौर पर चुना जाता है। यह सूची इस क्षेत्र के विशेषज्ञों को सौंप दी जाती है।
वे उनमें से लगभग पंद्रह नाम अंतिम रूप से तय करते हैं। उचित संस्थान को यह समिति अनुशंसा समेत अपनी पूरी रिपोर्ट सौंप देती है। तकरीबन तीन हजार चुनी हुई शख्सियतों को पुरस्कार हेतु उचित व्यक्तियों के नामांकन के लिए फार्म भेजती है। नामांकितों के नाम कभी भी सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं किए जाते और न ही वे स्वयं को पुरस्कार के लिए मान्य करार दे सकते हैं। नोमिनेशन रिकार्ड्स को पचास वर्ष तक सील करके रखा जाता है। हालांकि मरणोपरांत उम्मीदवारी की अनुमति नहीं है लेकिन ऐसे व्यक्ति को पुरस्कार दिया जा सकता है जिसका नामांकन तो पहले हो चुका हो पर फैसला आने से पहले उसकी मृत्यु हो गई हो।