डेनमार्क में कम हो रही जन्म दर की स्थिति को देखते हुए नर्सरी में काम करने वाले कर्मचारियों ने एक अनोखी तरकीब निकाली है। नर्सरी के कर्मचारियों दंपत्तियों के बच्चों को रात में मुफ्त संभालने के लिए तैयार हैं ताकि मां-बाप और बच्चे पैदा कर सकें। संवाददाता के अनुसार इस योजना पर काम करने वालों का कहना है कि उम्रदराजों की बढ़ रही संख्या डेनमार्क के हित में नहीं है और बच्चे पैदा करना राष्ट्रहित का काम है।
हालांकि इस ऑफर को स्वीकार करने वालों को कुछ तेज होना पडेगा, क्योंकि नर्सरी उनके बच्चों को केवल दो घंटे के लिए ही संभालेगी। दो घंटे के बाद दंपत्तियों को अपने बच्चे नर्सरी से वापस हासिल करने होंगे। यानी इन जोड़ों के पास रोमांटिक डिनर पर जाने का वक्त नहीं होगा और उन्हें राष्ट्रहित का काम दो घंटे में ही निपटाना होगा। बच्चों के जन्म दर को बढ़ाने का जिम्मा सात किंडरगार्टन स्कूलों ने उठाया है और वो चाहते हैं कि इस समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए कुछ किया जाए।
जन्म दर के हिसाब से डेनमार्क विश्व भर के 221 देशों में से 185वें स्थान पर है। डेनमार्क में बुजुुर्गों की संख्या लगातार बढ़ रही है और इसी गति से बुजुर्गों की संख्या बढ़ती रही तो डेनामार्क के लिए बुजुर्गों को पेंशन देना मुश्किल हो जाएगा। डेनमार्क के उत्तरी जिले फिन में पिछले साल के मुकाबले में इस साल 200 बच्चे कम पैदा हुए। इस इलाके में ग्रासहॉपर नर्सरी के डोर्थे नॉमेन कहते हैं कि ये देश के लिए गंभीर समस्या है और उनके सेंटर से जुड़े 50 फीसदी माता-पिता ने उनके इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।