विधानसभा में फिर लहराई ‘पंजाब केसरी’

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Friday, February 21, 2014-12:05 PM

जम्मू: भारत-पाक सीमा से सटे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की मांगों के प्रति राज्य सरकार के नकारात्मक रुख से संबंधित ‘सीमावर्ती लोगों को राहत की गुंजाइश कम’ शीर्षक से प्रकाशित समाचार को लेकर आज एक बार फिर ‘पंजाब केसरी’ की प्रतियां जम्मू-कश्मीर विधानसभा में लहराई गईं और जम्मू स्टेट मोर्चा विधायक अश्विनी शर्मा ने रोषस्वरूप सदन से वाकआऊट किया।

सत्तारूढ़ नैशनल कांफ्रैंस के विधायक एजाज अहमद जान ने भी उनकी बात का समर्थन किया तो कानून एवं संसदीय कार्य मंत्री मीर सैफुल्ला ने आश्वासन दिया कि सरकार इस मसले को गंभीरता से लेकर उचित कदम उठाएगी।  आज शून्यकाल के दौरान बिश्नाह से जम्मू स्टेट मोर्चा के विधायक अश्विनी शर्मा ने ‘पंजाब केसरी’ की प्रति लहराते हुए सदन का ध्यान सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की तरफ दिलाया। उनका कहना था कि पाकिस्तानी गोलीबारी का दंश झेल रहे इन लोगों की हालत बेहद दयनीय है।

केंद्रीय मंत्री, राज्य के मंत्री और विधायक जब इन क्षेत्रों में जाते हैं तो लोगों से उनकी समस्याओं का समाधान करवाने के वायदे करते हैं, लेकिन कल राज्य विधान परिषद में पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में रा’य सरकार ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तानी गोलीबारी से बचने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों पर 5-5 मरले के प्लॉट देने और सीमावर्ती क्षेत्रों को पिछड़ा क्षेत्र का दर्जा देने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बहुत बड़ा दुर्भाग्य है और सीमावर्ती लोगों के साथ बहुत बड़ी ’यादती है। सरकार को इन लोगों को तुरंत राहत प्रदान करनी चाहिए।

इस पर विधानसभा स्पीकर मुबारक गुल ने रिकार्ड के लिए ‘पंजाब केसरी’ की प्रति अपने पास मंगाई, लेकिन जब सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला तो जस्मो विधायक अश्विनी शर्मा रोष व्यक्त करते हुए सदन से वाकआऊट कर गए। इसके बाद पुंछ-हवेली से नैशनल कांफ्रैंस के विधायक एजाज अहमद जान ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि अश्विनी शर्मा ठीक कह रहे हैं।सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों की हालत बेहद खराब है। उनकी जमीनें फैंसिंग में आ गई हैं।

अक्सर लोग पाकिस्तान की तरफ से होने वाली गोलीबारी का शिकार बनते हैं। हाल ही में उनके क्षेत्र में 2 लोगों और एक ब‘ची को गोली लगी है। जान ने मांग की कि विभिन्न स्तरों पर सीमावर्ती लोगों को तुरंत राहत देनी चाहिए और चिकित्सा केंद्र भी खोलने चाहिएं। इसके बाद कानून, न्याय एवं संसदीय कार्यमंत्री मीर सैफुल्ला ने उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की समस्याओं के प्रति गंभीर है और इस संबंध में जल्द ही उचित कदम उठाए जाएंगे।


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