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मध्यप्रदेश को बासमती धान क्षेत्र घोषित करवाने के प्रयास: शिवराज

  • मध्यप्रदेश को बासमती धान क्षेत्र घोषित करवाने के प्रयास: शिवराज
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Tuesday, February 25, 2014-9:39 AM

रायसेन: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश को बासमती धान क्षेत्र घोषित करवाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही में चने की फसल को समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिए केंद्र सरकार से चर्चा की गई है। उन्होंने कहा कि ओला पीड़ित और सूखाग्रस्त किसानों को राज्य सरकार ने बिना केंद्रीय मदद के अपने खजाने से मदद पहुंचाई है। मुख्यमंत्री यहां ‘आओ बनाएं अपना मध्यप्रदेश’ सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज भी उपस्थित थी।

 

मुख्यमंत्री ने समाज के सभी वर्ग से अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और निष्ठा से करने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा एक रुपये किलो की रियायती दर से उपलब्ध करवाए जा रहे गेहूं, चावल और नमक से कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित नहीं रहेगा। मध्यम वर्ग की समस्याओं का समाधान मध्यम वर्ग आयोग करेगा। उन्होंने कहा कि अब सामान्य वर्ग के बच्चों को भी छात्रवृत्ति दी जाएगी। अनुसूचित वर्ग के विद्यार्थियों को शहरों में पढऩे के लिए कमरा किराए से लेने की सुविधा दी गई है। इन वर्गों के प्रतिभावान बच्चों को विदेश में पढऩे के लिए 15 लाख तक खर्च किए जाएंगे।

 

स्वराज ने मुख्यमंत्री चौहान द्वारा मध्यप्रदेश को स्वर्षिम बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सभी वर्गों से इस कार्य में सक्रिय योगदान देने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश बीमारू राज्यों की श्रेणी से बाहर आकर विकासील राज्य बन गया है। वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार ने कहा कि गेहूं उपार्जन पर बोनस देने वाला मध्यप्रदेश इकलौता राज्य है। राजस्व मंत्री रामपाल सिंह ने सभी वर्गों के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का जिक्र करते हुए लोगों से उनका पूरा लाभ लेने का आव्हान किया। सम्मेलन को पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री सुरेन्द्र पटवा ने भी संबोधित किया।


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