भाजपा व लोजपा में ‘दोस्ती’ की अफवाह को नेताओं ने किया खारिज

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Tuesday, February 25, 2014-9:55 AM

पटना: सोमवार को पूरे दिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के बीच गठबंधन की अफवाह मीडिया की सुर्खियों में रही। अंतत: दोनों पार्टियों के नेताओं ने इस संबंध में कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। असल में लोजपा के एक नेता ने दावा किया था कि उनकी पार्टी बिहार में भाजपा के साथ गठजोड़ करने जा रही है जिसके बाद इस खबर ने तूल पकड़ लिया। पार्टी अध्यक्ष रामविलास पासवान के करीबी लोजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि गठबंधन की संभवाना की तलाश में भाजपा, लोजपा से संपर्क बनाए हुए है।

लोजपा नेता ने कहा, ‘‘अगले दो से तीन दिनों में इस आशय की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी।’’ ज्ञात हो कि बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद), लोजपा और कांग्रेस ने गठबंधन बनाने की घोषणा की और अभी तक की योजना के मुताबिक, तीनों दल लोकसभा का चुनाव तालमेल में लड़ेंगे। रामविलास पासवान भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल थे, लेकिन 2002 में गुजरात में हुए दंगे के बाद उन्होंने राजग से नाता तोड़ लिया था। गठबंधन की संभावना पूछे जाने पर भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्हें इसके बारे में कोई सूचना नहीं है।

राजनाथ सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ऐसी चर्चाएं चल रही हैं। मैं चर्चाओं के बारे में अवगत नहीं हूं। यदि कुछ होता है तो उपयुक्त समय पर उसकी घोषणा कर दी जाएगी।’’ उधर रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान ने कहा, ‘‘दोनों दलों के अध्यक्षों के बीच संबंध बेहतर है। रामविलास पासवान (लोजपा) और राजनाथ सिंह (भाजपा) विभिन्न अवसरों पर मिलते रहते हैं, लेकिन इसके बाद भी आप सवाल करते हैं कि दोनों अध्यक्षों के बीच गठबंधन की बातचीत चल रही है तो उसका जवाब है, नहीं।’’ उन्होंने कहा कि संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद लोजपा अपनी भावी रणनीति तय करेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘पार्टी के नेताओं के बीच अविश्वास के कारण गठबंधन पर तस्वीर साफ नहीं है। हम जल्दी ही पार्टी संसदीय बोर्ड की बैठक आयोजित करने जा रहे हैं जिसमें भविष्य की रणनीति के बारे में फैसला लिया जाएगा।’’ मोदी के संबंध में पूछे गए एक सवाल के जवाब में चिराग ने कहा कि 2002 के दंगों में मोदी पर लगे आरोप अदालत में खारिज हो चुके हैं, इसलिए अब उस मुद्दे पर बात करने का कोई औचित्य नहीं रह जाता है। इस बीच कांग्रेस ने इन खबरों को ‘शुद्ध रूप से काल्पनिक’ करार दिया और कहा कि रामविलास पासवान ने ही गुजरात दंगों को लेकर सबसे पहले भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को अलविदा कहा था। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा, ‘‘लोगों के बीच जो कुछ चर्चाएं चल रही हैं उसके बारे में मेरी प्रतिक्रिया यही होगी कि यह शुद्ध रूप से काल्पनिक है।’’


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