उज्जैन के आयोजन की बारिश भी बनी साक्षी

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Wednesday, February 26, 2014-4:58 PM

उज्जैन: धार्मिक उज्जैन में कल नर्मदा-क्षिप्रा लिंक परियोजना के लोकार्पण समारोह में वर्षा की नाटकीय भूमिका रही। नर्मदा-क्षिप्रा मिलन समारोह यहां रामघाट पर शाम छह बजे शुरू होना था लेकिन सुबह से थम थमकर हो रही जोरदार वर्षा के कारण समारोह में व्यवधान होता रहा। क्षिप्रा के दोनों तटों को रंग-बिरंगी झालरों और आकर्षक रोशनियों से सजाया गया था तथा नदी के बीच में फव्वारों का नजारा एक अनूठा दृश्य उपस्थित कर रहा था।

 

इस दौरान हजारों की संख्या में उपस्थित लोग इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने के लिए नेताओं के आगमन की बाट जोहते रहे लेकिन समय पर उनके नहीं आने और इस बीच वर्षा का सिलसिला फिर शुरू हो जाने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई। वर्षा से बचने के लिए लोग सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ पड़े। इस बीच नेताओं का आगमन हुआ और बारिश भी धीरे-धीरे मंद पडऩे लगी तो लोग फिर लौटने लगे। छतरियों के नीचे खड़े नेताओं के भाषण शुरू हुए तो लोगों में उत्साह लौटा। इस बीच रंग-बिरंगी आतिशबाजी शुरू हो गई जो कुछ मिनटों तक जारी रही।

 

आतिशबाजी जैसे ही रूकी बारिश फिर शुरू हो गई और कुछ लोगों ने इससे बचने के लिए कुर्सियों को ही छतरी बना दिया। लालकृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज, बाबा रामदेव और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का भाषण बारिश के बीच ही हुआ। ये नेतागण भाषण कर रहे थे कि इसी दौरान माइक फेल हो गए और दर्शकों के लिए लगाई गई तीन बड़ी स्क्रीनों में से एक को बारिश की वजह से बंद कर देना पड़ा। नेताओं ने माइक बंद और शुरू होने के बीच किसी तरह अपने भाषण पूरे किए।


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