अब जेल परिसर से बाहर भी काम कर सकेंगे कैदी !

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Thursday, February 27, 2014-9:27 PM

नई दिल्ली: दिल्ली के उपराज्यपाल से मंजूरी मिल जाने के बाद एक महीने के अंदर एक ‘‘खुली जेल’’ शुरू की जाएगी जिसमें चुनींदा सजायाफ्ता कैदियों को काम करने के लिए जेल परिसर से बाहर जाने की अनुमति होगी। महानिदेशक (तिहाड़) विमला मेहरा ने आज यहां संवाददाताओं को बताया कि दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग ने तिहाड़ काम्पलेक्स में खुली जेल शुरू करने के प्रस्ताव और इसके लिए नियमों को मंजूरी दे दी है।

इस नई पहल का उद्देश्य कैदियों पर भरोसा बढ़ाकर उनके सुधार की संभावना को बढ़ावा देना तथा उन्हें बेहतर आजीविका का मौका देना है। इसका उद्देश्य अन्य कैदियों को अच्छे आचरण के लिए प्रोत्साहित करना और दिए गए कार्य को प्रतिबद्धता एवं तल्लीनता के साथ पूरा करने के लिए प्रेरित करना है। उपराज्यपाल द्वारा मंजूर किए गए दिशानिर्देशों के अनुसार अच्छे आचरण वाले और मानसिक एवं शारीरिक रूप से दुरूस्त ऐसे कैदियों पर प्रस्ताव के तहत विचार किया जाएगा जिन्होंने अर्ध-खुली जेल के अंदर बेहतरीन आचरण किया है और दिए गए कार्यों को बेहतरीन ढंग से पूरा किया हो तथा अर्ध-खुली जेल में दो साल पूरा कर चुके हों। अर्ध-खुली जेल का उद्घाटन 11 जून 2013 को किया गया था और अभी इसमें 38 कैदी हैं।

इस जेल का अभी एक साल भी नहीं हुआ है, ऐसे में इसका कोई भी कैदी दो साल की अर्हता को पूरा नहीं करता। तिहाड़ अधिकारियों ने कहा कि वह इस संबंध में रियायत के लिए उपराज्यपाल से अनुरोध करेंगे। अर्ध खुली जेल और खुली जेल के बीच यह अंतर होता है कि अर्ध-खुली जेल के कैदियों को तिहाड़ परिसर के अंदर ही काम करने की अनुमति होती है जबकि खुली जेल के तहत उन्हें बाहर जाकर काम करने की अनुमति होगी।


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