उत्तराखंड आपदा: मंत्रिमंडल ने किए कई अहम फैसले

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Friday, February 28, 2014-5:33 PM

देहरादून: उत्तराखंड राज्य मंत्रिमंडल ने आज पिछले साल की प्राकृतिक आपदा में सामान गंवाने वाले दुकानदारों को मुआवजा देने, शिक्षा विभाग में हजारों पदों पर नियुक्ति का रास्ता साफ करने, प्रदेश भर के साढ़े पांच लाख उपभोक्ताओं को जलकर में छूट देने और राज्य की अपनी खाद्य सुरक्षा योजना लाने अन्य कई फैसले किए। मुख्यमंत्री हरीश रावत की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि प्राकृतिक आपदा में दुकानदारों के दब गए या बह गए सामान के मूल्य के एवज में भी भुगतान करने का फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि रूद्रप्रयाग जिले में तिलवाड़ा से केदारनाथ धाम के बीच स्थित 2909 दुकानों के क्षतिग्रस्त होने से बर्बाद हुए सामान के मूल्य के आधार पर भुगतान के लिए पांच श्रेणियां बनाई गई हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि जिन दुकानदारों का दो लाख रुपये तक के सामान का नुकसान हुआ, उन्हें उनके द्वारा किए गए आंकलन को सही मानते हुए 90 फीसदी का भुगतान किया जाएगा। इन दुकानदारों को दी जाने वाली धनराशि का 50 फीसदी का भुगतान मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष से जबकि शेष का भुगतान बैंकों के जरिए किया जाएगा जिस पर पहले तीन साल कोई ब्याज नहीं देना होगा। दो लाख से 30 लाख रुपये तक का सामान गंवाने वाले दुकानदारों को जिलाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर मूल्य का 80 फीसदी भुगतान सरकार द्वारा किया जाएगा। कुमार ने बताया कि इससे सरकार पर 35 से 40 करोड़ रुपये का वित्तीय भार पड़ेगा।

उन्होंने बताया कि बाकी बचे आपदा ग्रस्त चार जिलों- चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में इसी प्रकार की व्यवस्था की जाएगी जिसके लिए जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मंगाई जा रही है। कुमार ने बताया कि कैबिनेट ने अगले वित्तीय वर्ष 2014-15 में प्रदेश के ग्रामीण और नगरीय इलाकों में रहने वाले परिवारों को जलकर में छूट देने का निर्णय किया। उन्होंने बताया कि छूट से प्रदेश सरकार पर 32 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा जिसका भुगतान मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष से किया जाएगा।


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