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विश्व रिकार्डधारी सुमंत पर फिल्म बनाने पहुंची जर्मनी की टीम

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Saturday, March 01, 2014-9:05 PM

पटना: बिहार के नालंदा जिले के किसानों द्वारा धान के उत्पादन में विश्व रिकार्ड बनाए जाने के बाद जर्मनी की आठ सदस्यीय टीम उनसे खेती के गुर सीखने दरवेशपुरा गांव पहुंची है। यह टीम यहां के किसानों के रहन-सहन पर एक डॉक्यूमेंटरी फिल्म भी बनाने जा रही है। जर्मनी की टीम में शामिल मिस वेटिना वेज ने बताया कि धान के उत्पादन में विश्व रिकार्ड बनाने वाले कतरी सराय प्रखंड के दरवेशपुरा गांव के रहने वाले सुमंत कुमार के विषय में जब जर्मनी में उन्हें जानकारी मिली तो वह खुद को रोक नहीं पाईं।

वह कीर्तिमान बनाने वाले बिहार के किसान पर फिल्म बनाने के लिए पूरी टीम के साथ यहां आई हैं। दरवेशपुरा गांव की पगडंडियों पर घूमते हुए वेटिना वेज ने कहा कि यहां के जैविक और श्री-विधि से खेती के जर्मनी के वैज्ञानिक भी कायल हैं। उन्होंने बताया कि यहां और जर्मनी के खेती के तरीकों में काफी अंतर है। यहां खेती का मतलब धान, गेहूं और अन्य खाद्यान्न होता है, जबकि जर्मनी में खेती का मतलब शराब, दूध, बटर और पनीर होता है। वेटिना वेज ने कहा कि फिल्म के माध्यम से वह जर्मनी के लोगों को कृषि के लिए बेहतर टिप्स देंगी। उन्होंने कहा कि यहां के किसान खुद अपने हाथों से खेती करते हैं, जबकि जर्मनी में मशीनों से खेती की जाती है।

वेज ने बताया कि यहां के किसान खेतों को खंडों में बांटकर खेती करते हैं जो अजूबा है। यहां देश की अधिकांश आबादी जहां कृषि से जुड़ी है, वहीं जर्मनी में केवल डेढ़ प्रतिशत लोग कृषि से जुड़े हुए हैं।’’ उन्होंने कहा कि फिल्म की शूटिंग रविवार से शुरू हो जाएगी। फिल्म में किसानों के रहन-सहन, पहनावे, खाने-पीने, कृषि उत्पादों के बाजारीकरण समेत कई चीजें दर्शाई जाएंगी। उल्लेखनीय है कि नालंदा जिले के कतरी सराय प्रखंड के दरवेशपुरा गांव के किसानों ने वर्ष 2012 में प्रति हेक्टेयर औसतन 224 क्विंटल धान की पैदावार की थी। पूर्व में यह रिकार्ड चीन के नाम था, जहां प्रति हेक्टेयर 200 क्विंटल धान का उत्पादन हुआ था।


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