पहली बार कटा मुख्यमंत्री समेत सभी विधायकों का वेतन

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Sunday, March 02, 2014-10:18 AM

जयपुर: विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और 11 मंत्रियों सहित प्रदेश के सभी 200 विधायकों का दिसम्बर महीने का लगभग 15 दिन का वेतन कट गया है।

 इससे हर विधायक को 50 हजार रुपए से ज्यादा का नुक्सान होने का अनुमान है। इनमें भी सबसे ज्यादा नुक्सान पुराने विधायकों को होगा क्योंकि उनको हर टर्म के हिसाब से वेतन मिलता है।

भाजपा विधायक वासुदेव देवनानी का कहना है कि सभी विधायकों के साथ अन्याय हुआ है। संसदीय कार्य मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़ से बातचीत करने पर उन्होंने नियमों में संशोधन कराने का आश्वासन दिया है।

 देवनानी का तर्क है कि उन्हें जिला निर्वाचन अधिकारी ने 8 दिसम्बर को ही निर्वाचन का प्रमाण-पत्र दे दिया था तो 24 दिसम्बर से निर्वाचित क्यों माना जा रहा है।

 विधानसभा के अधिकारियों का कहना था कि विधानसभा नियम-कानून से चलती है। उसमें वही नियम मान्य हैं, जो खुद विधायक विधानसभा में बनाते हैं। अलबत्ता इस बारे में पत्राचार शुरू हो गया है।

कटौती इसलिए: केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने 11 दिसम्बर 2013 को नोटिफिकेशन जारी कर दिया था, लेकिन विधानसभा इसे नहीं मानती। विधानसभा राज्य के निर्वाचन विभाग की ओर से जारी गजट नोटिफिकेशन को अधिकृत मानती है, जिसमें सदस्यों की निर्वाचन सूचना 24 दिसम्बर 2013 को छपवाई गई। विधानसभा के वेतन संबंधी नियमों के अनुसार विधायकों को उसी दिन से वेतन दिया जा सकता है जिस दिन गजट में नोटिफिकेशन हुआ हो।


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