‘कुपवाड़ा मुठभेड़ में मारे गए सभी उग्रवादी विदेशी मूल के’

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Sunday, March 02, 2014-2:10 PM

श्रीनगर: पुलिस ने बताया कि कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए सभी सातों उग्रवादी विदेशी मूल के थे और आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा से संबद्ध थे। पुलिस के एक प्रवक्ता ने उत्तर कश्मीर के डीआईजी जे बी सिंह को यह कहते हुए उद्धृत किया ‘‘लोलाब में दर्दपोरा जंगल में मारे गए सात में से छह उग्रवादियों की पहचान की जा चुकी है। ये उग्रवादी विदेशी मूल के थे और आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा से संबद्ध थे।’’ कुपवाड़ा जिले के लोलाब इलाके में 24 फरवरी को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 7 उग्रवादी मारे गए थे। ऐसे आरोप लगे थे कि सातों उग्रवादी स्थानीय थे जिसके बाद लोलाब और आसपास के इलाकों मे कानून व्यवस्था की समस्या हो गई थी।

डीआईजी ने बताया ‘‘सबूतों के आधार पर उग्रवादियों की पहचान सूफियां, रहमान, कारी, कशीफ, दाउद और अरकाम के तौर पर हुई है। सभी पाकिस्तानी नागरिक थे।’’ उन्होंने बताया कि सातवें उग्रवादी की पहचान अभी की जानी है लेकिन वह भी विदेशी मूल का था। सिंह ने बताया कि मामले की जांच वैज्ञानिक एवं तकनीकी पद्धतियों से की गई। उन लोगों से भी पूछताछ की गई जो लोग पिछले पांच से छह माह के दौरान इन उग्रवादियों की ज्यादतियों से पीड़ित थे। पता चला है कि इनका गुट विलगाम के हरदूना जंगलों में और लोलाब में कुछ समय से सक्रिय था। अधिकारी ने बताया कि जांच से पता चला है कि इसी गुट ने हरदूना के जंगल में पुलिस के हेड कांस्टेबल सनाउल्ला की हत्या की थी और पिछले साल 16 नवंबर को कुपवाड़ा के द्रगमुल्ला में सेना के एक काफिले पर हमला किया था।


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