राहुल नीति से कांग्रेसी नेताओ के होश गुम!

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Sunday, March 02, 2014-4:58 PM

जयपुर: विधानसभा में विफल हो चुकी कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व ने चुनावी रणनीति में परिवर्तन करते हुए आम आवाम की राय मशवरे से लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारने की जिद्द की, जिसके कारण प्रदेश के आला नेताओं से लेकर घुसपैठ के माध्यम से टिकट की दावेदारी जताने वाले नेताओं के चेहरो का रंग फीका दिख रहा है। राहुल गांधी ने प्रदेश चुनाव समिति को स्पष्ट रूप से कहा है कि चार मार्च तक सभी 25 सीटो पर 2-2 उम्मीदवारो का पैनल बनाकर भेजा जाएं किसी भी सीट पर सिग्नल नाम नहीं आना चाहिए और युवा उम्मीदवारो पर विशेष फोकस हो।

प्रदेश चुनाव समिति की 4 मार्च को होने वाली सम्भावित बैठक से पहले आये राहुल गांधी के फरमान से राजस्थान से जीते कांग्रेस के सभी 20 सांसदो के सामने स्वयं की टिकट पक्की मानकर चलने का अन्देशा पैदा हो गया है। उन्होने स्कीनिंग समिति के अध्यक्ष पवन बंसल से कहा है कि वर्तमान सांसदो को बुलाकर बात करे कि उनकी जीत की सम्भावना है तो इसके पीछे तमाम तथ्य और कारणो का खुलासा करे। सूत्र बताते है कि 20 में से दो-तीन सांसदो ने चुनाव नहीं लडऩे का मन बनाया है। वहीं एक केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि वे जीतने की स्थिति में नहीं है लेकिन चुनाव लडऩा चाहते है। इस पर मंत्री को प्रभारी महासचिव गुरूदास कामत की डाट भी मिली।

बताया जाता है कि सीट बदलने के इच्छुक सांसदो को अभी फिलहाल प्रदेश प्रभारी आलाकमान से कोई छूट नहीं मिली है। दूसरी ओर राहुल गांधी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट और कांग्रेस विधायक दल के नेता से कहा है कि वे प्रदेश चुनाव बनाकर स्क्रीनिंग समिति और उनके पास भिजवा दे ताकि केन्द्रीय चुनाव समिति में चर्चा के बाद संभावित उम्मीदवारो की घोषणा जल्द की जा सके। स्कीनिंग समिति के अध्यक्ष से यह भी कहा गया है कि वे सचिन और डूडी की राय को ही ज्यादा महत्व दें, इसके अलावा किसी नेता से बात करनी होगी तो वे बता देंगे।

राहुल गांधी से निर्देश मिलने के साथ ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और विधायक दल के नेता की ओर से पार्टी उपाध्यक्ष को सुझाव दिया गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और एआईसीसी महासचिव डॉ. सी.पी. जोशी को लोकसभा चुनाव लडाने से राज्य में अच्छा संदेश जाएगा और दोनो नेताओं को चुनाव लड़ाया जाए। वहीं एक केन्द्रीय मंत्री जो खुद के स्थान पर अपनी पत्नी को चुनाव लड़ाना चाहते है को कहा गया है कि या तो वे खुद चुनाव लडे या फिर पार्टी को तय करने दे कि किसे चुनाव लड़ाना है। राहुल गांधी के इस फरमान के बाद से वर्तमान में केन्द्रीय मंत्री और कई सांसदो की नींद उडी हुई है वे अपना टिकट बचाने के लिए पूरा जोर लगाए हुए है।

कांग्रेस के महत्वपूर्ण सूत्रों के अनुसार राजस्थान के एक केन्द्रीय नेता और पूर्वी राजस्थान के एक सांसद का टिकट कटना तय माना जा रहा है। इसी के साथ ही हारने वाले अन्य सांसदो को भी घर बिठाया जा सकता है इसलिए किसी भी सीट पर सिंगल नाम देने की बजाय दो दो नाम मांगे गए है। बताया जा रहा है कि 4 मार्च को स्क्रीनिंग कमेटी अपनी ओर से पैनल को अंतिम रूप देगी और वहां से मुहर लगते ही उम्मीदवारो की घोषणा कर दी जाएगी।


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