राजस्थान में पहली बार आसमां से खोजेंगे जमीन में गड़ा खजाना

  • राजस्थान में पहली बार आसमां से खोजेंगे जमीन में गड़ा खजाना
You Are HereNational
Monday, March 03, 2014-9:24 AM

जयपुर: भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण (पश्चिम क्षेत्र) ने धरती के नीचे अढ़ाई सौ मीटर की गहराई में दबे दुर्लभ तत्वों व धातुओं का पता लगाने के लिए उन्नत दर्जे का हैलीकॉप्टर धु्रव खरीदा है जिसकी कीमत 63 करोड़ रुपए है तथा इसे ‘गरुड़ वसुधा’ नाम दिया गया है। इसकी खासियत है कि यह हवाई सर्वेक्षण से जमीन के अढ़ाई सौ मीटर नीचे तक सूचनाएं संकलित करेगा।

इससे पहले केवल सौ मीटर गहराई तक ही खोज हो पा रही थी। इस साल जी.एस.आई. ने हवाई सर्वेक्षण के लिए राजस्थान में पाली जिले के ढाणी, पूनागढ़, पट्टिका और सीकर जिले में नीम का थाना पट्टिका को चिन्हित किया है। राजस्थान में पहली बार इस तकनीक से पाली और सीकर में जल्द ही हवाई सर्वेक्षण का काम शुरू होगा। इस दौरान जमीन के अंदर काफी मात्रा में शीशा, तांबा तथा जस्ता मिलने की संभावना है। 

तरंगें बताएंगी कहां छिपी है धातु:
विशेषज्ञों का कहना है कि गरुड़ वसुधा विद्युत चुंबकीय और रेडियो मीट्रिक व गुरुत्व सर्वेक्षण के लिए हवाई भू-भौतिकी यंत्रों से सुसज्जित है। इसके यंत्रों से निकलने वाली तरंगें जमीन के नीचे तत्वों व धातुओं से टकराकर संकेत देंगी तो उनका पता चल जाएगा।

इन दुर्लभ धातुओं की हो सकेगी खोज: नियोडाइमियम, लेंथनम, सीरियम, यूरोपियम, डिस्प्रोसियम, गेडोलिनियम, टरबियम व प्रेसियोडाइमियम सहित दुर्लभ तत्वों की खोज हो सकेगी। इसके अलावा तांबा, शीशा व जस्ता, निकल कोबाल्ट जैसी धातुओं की भी खोज की जाएगी।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You