अदालती आदेश के बावजूद सहयोग नहीं कर रहीं बिजली कंपनियां: CAG

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Monday, March 03, 2014-4:33 PM

नई दिल्ली: नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) तथा दिल्ली सरकार ने आज दिल्ली उच्च न्यायालय को सूचित किया कि दिल्ली की तीन बिजली वितरण कंपनियां (डिस्काम) आडिट के काम में सहयोग नहीं कर उसके (अदालत के) आदेश का उल्लंघन कर रही हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बीडी अहमद तथा न्यायाधीश एस मृदुल की खंडपीठ के समक्ष यह बात रखी गयी। दिल्ली सरकार तथा कैग का कहना है कि ये कंपनियां उसके (कैग) द्वारा मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा रही हैं।

अदालत की एकल पीठ ने इन कंपनियों से सरकारी अंकेक्षक से सहयोग करने का निर्देश दिया था। कंपनियों ने इसके खिलाफ अपील की जिस पर सुनवाई सात मार्च को होनी है।  इन डिस्काम ने इस आधार पर कार्रवाई मुल्तवी करने की मांग की कि दूरसंचार कंपनियों के कैग आडिट से जुड़े मुद्दा कल उच्चतम न्यायालय के समक्ष आ रहा है।
 
दिल्ली सरकार की ओर से वकील प्रशांत भूषण तथा कैग की ओर से वकील अमन लेखी अदालत में हाजिर हुए और कहा कि टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन (टीपीडीडीएल), रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप की बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड तथा बीएसईएस यमुना पावर सहयोग नहीं कर रही हैं।


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