राजीव के हत्यारों की रिहाई को पीड़ितों के परिजनों की चुनौती

  • राजीव के हत्यारों की रिहाई को पीड़ितों के परिजनों की चुनौती
You Are HereNational
Monday, March 03, 2014-6:07 PM

नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ मानव बम हमले में मारे गए अन्य लोगों के परिजनों ने सात हत्यारों को रिहा करने के तमिलनाडु सरकार के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।

पीड़ितों के परिवारों से अब्बास एवं जॉन जोसेफ, तमिलनाडु कांग्रेस प्रवक्ता अमेरिकई नारायणन एवं तीन अन्य ने एक जनहित याचिका दायर करके तमिलनाडु की जयललिता सरकार के फैसले को चुनौती दी है।

याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि राज्य सरकार को केवल हत्यारों के हितों का ही ध्यान नहीं रखना चाहिए, बल्कि दिल दहला देने वाली घटना के शिकार लोगों के परिजनों की भावनाओं का भी ख्याल रखना चाहिए था।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने भी मुरुगन, उसकी पत्नी नलिनी, संतन, पेरारिवलन, जय कुमार, रोबर्ट पॉयस और रविचंद्रन की रिहाई के तमिलनाडु सरकार के फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है। न्यायालय ने दया याचिकाओं के निपटारे में देरी को मृत्युदंड को आजीवन कारावास में बदलने का पर्याप्त आधार बताने वाले 21 जनवरी के शीर्ष अदालत के फैसले पर पुनॢवचार करने का भी न्यायालय से आग्रह किया है।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You