'खचीर्ली शादियों का बेहतर विकल्प सामूहिक विवाह समारोह'

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Tuesday, March 04, 2014-9:49 AM

रायपुर: आज के युग में सामूहिक विवाह समारोह खर्चीली शादियों का बेहतर विकल्प साबित हो रहे हैं। गरीब परिवारों को इस प्रकार के सामूहिक विवाह समारोह आर्थिक बोझ से राहत दिलाते हैं। इसे ध्यान में रखकर छत्तीसगढ़ सरकार ने गरीब घरों की बेटियों की शादी के लिए मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की शुरूआत की है।

यह योजना विगत लगभग नौ साल से सफलतापूर्वक चल रही है। यह सामाजिक सद्भावना और समरसता को बढ़ावा देने वाली योजना है। दहेज प्रथा की रोकथाम में भी यह योजना प्रभावी भूमिका निभा रही है। उक्ताशय की बातें सूबे के मुखिया डॉ. रमन सिंह ने कही है।

मुख्यमंत्री दोपहर सरगुजा राजस्व संभाग के मुख्यालय अम्बिकापुर स्थित पी.जी. कॉलेज मैदान में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत सामूहिक विवाह समारोह को मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने समारोह में विवाह बंधन में बंधे 566 जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान कर उनके सुखमय जीवन की कामना की। उन्होंने इन सभी नवदम्पतियों को ‘हम दो-हमारे दो’ की भावना के अनुरूप परिवार छोटा रखने की भी सलाह दी।

समारोह में वर-वधुओं के विवाह उनके निजी धार्मिक और सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपंन हुए। इनमें से 453 जोड़ों के विवाह हिन्दू रीति-रिवाज के अनुसार और 113 जोड़ों के विवाह मसीही रीति-रिवाज के अनुरूप सम्पन्न हुए।

समारोह का आयोजन राज्य सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग और सरगुजा जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से किया गया। डॉ. रमन सिंह ने सभी नव-दंपतियों और उनके परिवारों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि इस योजना से छत्तीसगढ़ में हमें दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराई को दूर करने में भी मदद मिली है। उन्होंने नवदंपतियों को बधाई देते हुए कहा कि नवदंपति हम दो हमारे दो के लक्ष्य का भी पालन करें।

 


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