तिहाड़ प्रशासन और सरकार से मांगा जवाब

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Wednesday, March 05, 2014-11:53 PM
नई दिल्ली : दिल्ली उच्च न्यायालय ने तिहाड़ जेल प्रशासन व दिल्ली सरकार से पूछा है कि तिहाड़ में अपने मुवक्किलों का लीगल इंटरव्यू लेने जाने वाले वकीलों को क्या-क्या सुविधाएं दी जा  रही हैं।
 
न्यायालय ने प्रशासन व सरकार से उन दिशा-निर्देश के संबंध में भी जवाब मांगा है जिनके तहत अब वकीलों को सप्ताह में एक बार ही अपने मुवक्किल का लीगल इंटरव्यू लेने की अनुमति दी गई है। अब इस मामले में 12 मार्च को सुनवाई होगी। 
 
कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश बी.डी. अहमद व न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल की खंडपीठ ने प्रशासन से यह भी पूछा है कि क्या वकीलों द्वारा लीगल इंटरव्यू लेने के लिए दी जाने वाली अर्जियों के सत्यापन का काम ऑन लाइन हो सकता है, ताकि वकीलों को जेल परिसर में जाकर औपचारिकताएं पूरी करने के लिए इंतजार न करना पड़े।
 
इस मामले में अधिवक्ता अमित साहनी ने एक जनहित याचिका दायर की है। उसने जेल प्रशासन के 27 फरवरी, 2013 के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसके तहत वकीलों को सप्ताह में एक बार ही लीगल इंटरव्यू लेने की अनुमति दी गई है।
 
इससे ज्यादा इंटरव्यू लेने के लिए उनको तिहाड़ डी. जी. से अनुमति लेनी होगी। साहनी का कहना है कि पहले वकीलों को पूरे सप्ताह इंटरव्यू लेने की अनुमति दी थी, परंतु अब ऐसा नहीं रहा है, इसलिए इन दिशा-निर्देशों को रद्द किया जाए। साथ ही तिहाड़ जाने वाले वकीलों को न तो बैठने की सुविधा दी जाती है और न ही पानी व पार्किंग की। 

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