ओलावृष्टि पर चढ़ा ‘सियासी रंग’, शिवराज देंगे धरना

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Thursday, March 06, 2014-12:32 PM

भोपाल: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में हाल ही में ओलावृष्टि और अतिवृष्टि के कारण फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचने का जिक्र करते हुए इसे ‘राष्ट्रीय आपदा’ घोषित करने की मांग दोहरायी और कहा कि केंद्र सरकार तत्काल इस राज्य को विशेष पैकेज जारी करे। केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ चौहान आज यहां अपने मंत्रियों के साथ यहां न्यू-मार्केट के समीप उपवास पर बैठे। इसी के साथ ही आज पूरा मध्यप्रदेश बंद भी आहूत किया गया है। यह दोपहर दो बजे तक रहेगा। विभिन्न जिला मुख्यालय पर भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी उपवास पर बैठे हैं और उनके कार्यकर्ता बाजार बंद कराते हुए देखे गए। लगभग चार घंटे के उपवास पर बैठे चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार इस अभूतपूर्व प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए तत्काल पांच हजार करोड रुपये का विशेष पैकेज जारी करे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से लगभग दो हजार करोड रुपये तत्काल जुटाने का निर्णय लिया है, लेकिन किसानों को इससे अधिक की राहत राशि की जरूरत है।

चौहान ने केंद्र सरकार पर राज्य की भाजपा सरकार के साथ लगातार भेदभाव बरतने का आरोप दोहराते हुए कहा कि यदि उसका यह रवैया अभी भी जारी रहा तो भी राज्य सरकार अपने संसाधनों से किसानों को पूरी राहत मुहैया कराने के लिए जुटी रहगी। भले ही इसके लिए विकास कार्यों का धन राहत राशि वितरण में लगाना पडे। चौहान ने कहा कि राज्य के 51 में से 49 जिले ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से प्रभावित हुए हैं और इसके कारण किसानों की फसलें नष्ट हो गई हैं। वह स्वयं और उनके मंत्री प्रभावित गांवों में पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। फसलों को पहुंचे नुकसान का सर्वेक्षण कराया जा रहा है और इसके आधार पर राहत राशि वितरित करने का काम भी किया जाएगा। चौहान ने केंद्र से मांग की कि वह 3100 रूपए के समर्थन मूल्य पर चना खरीदे। इसी तरह उसे मध्यप्रदेश के बासमती धान को मान्यता दिलाने में असहयोग की बजाए सहयोग करना चाहिए। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि किसानों के हित में उनके इस उपवास के राजनैतिक मायने नहीं निकाला जाना चाहिए। यह उनकी नैतिक लडाई है और मुख्यमंत्री या मंत्री किसी पार्टी के नहीं होते हैं।

चौहान ने दावा करते हुए कहा कि राज्य की भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) सरकार ने पिछले वर्ष अतिवृष्टि से सोयाबीन की फसल के नुकसान के एवज में 600 करोड रूपए की राहत राशि किसानों को उपलब्ध कराई है। उन्होंने कहा कि ओला प्रभावित किसानों के लिए सरकार ने अभी दो हजार करोड रूपए जो राशि उपलब्ध कराई है वह आंतरिम राशि है। चौहान ने किसानों से कहा कि उन्हें ङ्क्षचता करने की जरूरत नहीं है। सरकार उन्हें इस संकट की घडी से बाहर निकालने के लिए हर संभव मदद करेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को इस संकट की घडी से उबारने के लिए जितनी राहत राशि की जरूरत पडेगी सरकार उसे उपलब्ध कराएगी।

उन्होंने ओला प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को राहत दिए जाने के लिए केन्द्र सरकार से विशेष राहत पैकेज की मांग दोहराते हुए कहा कि केन्द्र को आपदा राहत कोष बनाना चाहिए। इसके जरिए प्राकृतिक आपदा के समय किसानों को इसी राहत कोष से सहायता राशि उपलब्ध करवायी जाना चाहिए। इस बीच राजधानी भोपाल में भी प्रदेश भाजपा के ‘राज्य बंद’ के आह्वान का व्यापक असर नजर आया। आवश्यक सेवाओं के अलावा दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल और अन्य जिला मुख्यालयों से मिली सूचनाओं के अनुसार बंद का व्यापक असर दिखायी दिया। जिला मुख्यालयों पर भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी उपवास पर बैठे हैं। इस बीच उज्जैन समेत कुछ स्थानों से जबर्दस्ती बंद कराने की सूचनाएं भी मिली हैं। हालाकि पुलिस प्रशासन ने भी कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए मोर्चा संभाल रखा है।


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