आप के साथी ही आप से हो रहे दूर

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Sunday, March 09, 2014-10:50 PM
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के नाराज दो कार्यकर्ता पार्टी के कनाट पैलेस स्थित 41 हनुमान रोड़ के पार्टी दफ्तर के बाहर अनशन पर बैठ गए हंै। इन कार्यकर्ताओं का कहना है कि आम आदमी पार्टी अब अपने मिशन से भटक गयी हैं, जहां पहले पार्टी लोगों के रायशुमारी करके प्रत्याशी का चयन करती थी, वहीं अब पार्टी बंद कमरे में बैठ कर प्रत्याशियों के टिकट का ऐलान कर रही है। 
 
मध्यप्रदेश से अनशन करने आए राजेन्द्र कुमार बिन्दल का कहना है कि पार्टी अब गांधी के रस्ते को छोड़कर और पार्टियों के तरह चल पड़ी है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यालय पर हुई पत्थरबाजी और हंगामे पर आम आदमी पार्टी के नेता यह कहकर पीछा नहीं छुटा सकते थे कि पहला पत्थर हमने नहीं मारा। उनका कहना है कि पार्टी को उन कार्यकर्ताओं और नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए जो उस हंगामें में हिंसा करते हुए दिखाई दे रहे है। उनका कहना है कि वह जब तक अनशन करते रहेंगे तब तक पार्टी के लोग अपनी स्वराज की विचारधारा पर नहीं लौटती।
 
पार्टी के लिए छोड़ी विदेश की नौकरी पर नहीं दी तव्ज्जो आम आदमी पार्टी के खिलाफ अनशन पर बैठे राकेश कुमार मनचंदा का कहना है कि उन्होंने जिस पार्टी के लिए विदेश से नौकरी छोड़कर दिल्ली विधानसभा चुनाव में अपने हिस्सेदारी दी अब वहीं पार्टी उन्हें तवज्जो नहीं दे रही है। मनचंदा का कहना है कि पार्टी स्वराज के लिए काम करने की बात कहती है लेकिन पार्टी ने उन लोगों दरकिनार करके लोकसभा का टिकट दे दिया जिन्होंने पार्टी के लिए विधानसभा चुनाव में कड़ी मेहनत की और त्याग किया। 
 
दल के लिए बढ़ रहा है बागियों का कुनबा
 
नई दिल्ली, 9 मार्च (निहाल सिंह) : दिल्ली में सरकार बनने के बाद से शुरु हुई आम आदमी पार्टी की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं क्योंकि कभी अपने ही बगावत पर उतारु हो गए तो विपक्षियों ने भी पार्टी की छोटी सी गलती पर भी जमकर घेराव किया। आम आदमी पार्टी के लिए जितना शांति भरा विधानसभा चुनाव रहा उससे कही ज्यादा मुश्किलों भरा लोकसभा चुनाव होता जा रहा है। शायद यहीं वजह है कि पार्टी के खिलाफ बगावत करने का सिलसिला बिनोद कुमार बिन्नी से शुरु हुआ और थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन कोई न कोई आप का पदाधिकारी या कार्यकर्ता पार्टी से नाराज होकर या पार्टी के खिलाफ अनशन पर बैठ रहा है या फिर पार्टी से तंग आकर बगावत का मोर्चा खोलते हुए पार्टी से इस्तीफा तक दे रहा है। तो वहीं पार्टी में गुटबाजी के चलते चड़ीगढ से आप की प्रत्याशी सरिता भट्टी ने तो लोकसभा चुनाव लडऩे से ही इंकार कर दिया। 

 


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