'कोई भी ऐसा माई का लाल नहीं जो शिव सेना के रास्‍ते में खड़ा हो जाए'

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Tuesday, March 11, 2014-2:17 PM

मुंबई: शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आज पार्टी के नेताओं की एक अहम बैठक बुलाई है। बैठक में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन के भविष्य पर चर्चा हो सकती है। शिवसेना ने आज इस अटकल को भी खारिज किया कि वह भाजपा के साथ गठबंधन की समीक्षा कर रही है और कहा कि दोनों दलोंं के बीच गठजोड़ बिल्कुल मजबूत है एवं चिंता की कोई बात है। इसी बीच महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात की।

शिवसेना की कट्टर प्रतिद्वंद्वी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने हाल ही कहा कि वह लोकसभा चुनाव में सभी सीटों पर शिवसेना को टक्कर देगी लेकिन मोदी की प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवारी का समर्थन करेगी। इस पर अटकल लगने लगी कि शिवसेना भाजपा के साथ अपने पुराने गठबंधन की समीक्षा कर सकती है। इन्हीं बातों की पृष्ठभूमि में शिवसेना ने यह सफाई दी है।

शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में कहा है, ‘‘शिवसेना और भाजपा के बीच गठबंधन देश में सबसे पुराना गठजोड़ है, किसी को चिंतिंत होनेे की जरूरत नहीं है, यह मजबूत है, भाजपा और शिवसेना हिंदुत्व को मजबूत करने साथ आयी थी। ’’ संबंधित घटनाक्रम में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष देवेंद्र फडऩवीस उद्धव ठाकरे से मिले।

बांद्रा में उद्धव के निवास मातोश्री पर उनसे भेंट के बाद फडऩवीस ने कहा, ‘‘मैंने उद्धवजी से कहा कि भाजपा शिवसेना को अपना स्वभाविक और भरोसेमंद सहयोगी मानती है। भाजपा कार्यकर्ता बस महायुति (शिवसेना भाजपा की अगुवाई वाले पांच दलों के विपक्षी गठबंधन) के लिए काम करेंगे। ’’

वहीं  'सामना' में उद्धव ने राज ठाकरे पर निशाना साधते हुए लिखा है कि इस वक्‍त मोदी को समर्थन देने के लिए घुड़दौड़ मची है। पहले जिन लोगों ने मोदी की आलोचना की थी वो अब बिना निमंत्रण के उन्‍हें पूरा समर्थन देने का ऐलान कर चुके हैं। लेकिन कोई भी ऐसा माई का लाल नहीं जो शिव सेना के रास्‍ते में खड़ा हो जाए। लिखते हैं, 'ऐसा लग रहा है कि हर कोई इस बात से चिंतित है कि लोकसभा चुनाव में शिवसेना का क्‍या होगा? क्‍या शिवसेना और बीजेपी एक साथ रह पाएंगे? मैं ऐसी चिंता करने वाले लोगों को बता देना चाहता हूं कि देश की राजनीति में शिवसेना और बीजेपी सबसे पुराने दोस्‍तों में से हैं। हम हिंदुत्‍व की वजह से एक साथ हैं। कई मसलों के बाद भी हमारा गठबंधन बरकरार है। हिंदू वोटों को बांटने के लिए कई लोगों ने इस गठबंधन को तोडऩे की कोशिश की। लेकिन, इन सभी के बावजूद गठबंधन मजबूती से खड़ा है। ऐसे में हमें चिंता करने की क्‍या बात है।'

बतां दें कि दो दिन पहले ही एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने ऐलान किया था कि उनकी पार्टी लोकसभा चुनाव लड़ेगी और नरेंद्र मोदी का पीएम उम्मीदवार के तौर पर समर्थन करेगी। महाराष्ट्र विधान परिषद के चुनाव में दोनों पार्टियों ने तीन सीटों पर अपने अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं। दोनों पार्टियों के गठबंधन के बाद ये पहला मौका है जब दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार खड़े किए हैं।


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