आजादी के बाद से इस लोकसभा सीट से कभी नहीं खिला कमल

  • आजादी के बाद से इस लोकसभा सीट से कभी नहीं खिला कमल
You Are HereUttar Pradesh
Tuesday, March 11, 2014-2:53 PM

मऊ: उत्तर प्रदेश के घोसी संसदीय सीट से आजादी के बाद कांग्रेस तथा वामपंथी दलों ने पांच-पांच बार अपना कब्जा जमाया लेकिन भाजपा का कमल इस सीट से कभी नहीं खिल पाया है। निर्वाचन आयोग के आंकडों के अनुसार घोसी में कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के बीच कांटे की टक्कर रही है। जिसमें कभी कांग्रेस तो कभी भाकपा को जीत मिलती रही है। इस सीट पर सबसे अधिक कब्जा वामपंथी और कांग्रेस का रहा है कांग्रेस ने 1952, 1957, 1984, 1989 और 1991 में अपना परचम लहराया जबकि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने 1962 तथा 1967 से लेकर 1980 तक इस सीट पर कब्जा जमाया।

लेकिन समय के साथ इस सीट पर इन दोनों दलों का कब्जा फिसल गया। पिछले कई वर्षो से दोनों दल इस सीट पर कब्जा जमाने के लिए जूझ रहें हैं। इस सीट पर सपा, बसपा का झंडा तो लहराया पर यहां पर कमल आज तक नहीं खिल सका। नब्बे के दशक के बाद कांग्रेस के इस किले में सेंधमारी शुरू हो गई। वर्ष 1999 में कांग्रेस सपा और भाकपा को छकाते हुए बसपा के बाल कृष्ण चौहान ने यहां पर नीला परचम लहराया। जबकि 2004 में चंद्रदेव राजभर ने सभी पाॢटयों को पीछे छोड़ते हुए सपा की साइकिल को रफ्तार दी और जीत हासिल कर पहली बार सांसद बने। वर्ष 2009 में बसपा के दारासिंह चौहान ने यहां से जीत हासिल कर संसद तक पहुंचे।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You