कुदरत का कहर देख बाप-बेटे ने लगाई फांसी

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Wednesday, March 12, 2014-11:59 AM

दमोह: मध्य प्रदेश में आसमान से बरस रही आपदा ने फसलों को बुरी तरह चौपट कर दिया है, इससे किसान टूट चले हैं और वे आत्महत्या जैसे कदम उठा रहे हैं। दमोह जिले में ओलावृष्टि से फसल चौपट होने से दुखी किसान पिता-पुत्र ने खेत में लगे पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पटेरा थाना क्षेत्र के रमगढ़ा गांव के भैयालाल पटेल के परिवार ने लगभग 10 एकड़ में फसल बोई थी। पिछले दिनों हुई बारिश और ओलावृष्टि से उनकी फसल पूरी तरह चौपट हो गई है। सरकार की ओर से भी कोई मदद नहीं मिली थी।

राजकुमार पटेल के मुताबिक, इस फसल के चौपट होने से भैयालाल का बेटा रघुवीर दुखी था। मंगलवार को उसने खेत पर ही लगे पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली और उसके बाद रघुवीर के पिता भैयालाल ने भी आत्महत्या कर ली। वहीं, पटेरा थाने के थाना प्रभारी आर के सोनी का कहना है कि भैयालाल का परिवार वन विभाग की भूमि पर खेती करते थे, आशंका है कि पिता-पुत्र में किसी बात को लेकर विवाद हुआ होगा, जिसके चलते बेटे ने फांसी लगाकर आत्महत्या की। इसे देखकर पिता ने भी आत्महत्या जैसा कदम उठाया।

जिलाधिकारी स्वतंत्र कुमार सिंह ने किसानों से संकट की घड़ी में संयम नहीं खोने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि इससे पहले भी दो-तीन किसान आत्महत्या की कोशिश कर चुके हैं। उन्हें धैर्य रखना चाहिए। आत्महत्या करना जुर्म के साथ कायरता की निशानी भी है। ओला प्रभावित किसानों की हर संभव मदद की जा रही है।


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