भाजपा उम्मीदवार तय करेगा रुख

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Thursday, March 13, 2014-10:46 PM

नई दिल्ली (अमित कसाना): वर्ष 2008 में परिसीमन के बाद बाहरी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से काट कर बनाई गई पश्चिमी दिल्ली लोकसभा सीट कांग्रेस का गढ़ रही है। यहां पंजाबी और पूर्वांचली वोटरों की जनसंख्या उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करती है। जिसे देखते हुए आप ने पंजाबी कार्ड खेल दिया है। वहीं, कांग्रेस एक बार फिर पूर्वांचली वोटरों के सहारे सीट पर कब्जा बरकरार रखने के लिए महाबल मिश्रा पर ही दावं लगा सकती है।


वहीं, इस सीट पर दावेदारी के लिए भाजपा के कई वरिष्ठ नेता लाइन है। जिनकी उम्मीदवारी ही सीट पर मुकाबला रोमांचक बना सकती है। पिछले चुनावों में पंजाबी कार्ड खेलने वाली भाजपा इस बार मैदान में नए उम्मीदवार को उतारने के मूड में है। वर्तमान में सीट की स्थिति
लोकसभा क्षेत्र में विधानसभा की दस सीटों पर नजर दौड़ाए तो यहां 10 में 5 विधानसभा सीटों पर पर आप पार्टी के विधायक है और 1 आकाली समेत पांच पर 5 पर बीजेपी का कब्जा है। ऐसे में शुरूआत में तो सीधी टक्कर आप पार्टी व बीजेपी के बीच ही दिखाई पड़ती है। लेकिन पंजाबी और पूर्वांचली सीटों पर भाजपा की जीत लोकसभा चुनावों में भी अहम भूमिका निभा सकती है।


जातीय समीकरण होगा अहम
वेस्ट दिल्ली में हरिनगर, राजौरी गार्डन, तिलक नगर, जनकपुरी में सिख व पंजाबी वोट अधिक है।  वहीं, नजफगढ़, मटियाला व  द्वारका की ओर जाट बेल्ट है। इसके अलावा की इस लोकसभा सीट पर उत्तम नगर, मादीपुर समेत अन्य कुछ विधानसभाओं पर पूर्वांचली वोट असर डालते है।
भाजपा के दिग्गज लाइन में
बीजेपी  उमीदवारी की लाइन में लगे वरिष्ठ नेता पवन शर्मा (विधायक), जगदीश मुखी (विधायक), हरदीप सिंह, आशीष सूद, कमलजीत सहरावत प्रमुख हैं।


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