चंद सिक्कों के लालच में देश की सुरक्षा लगी दाव पर

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Sunday, March 16, 2014-3:38 PM

खन्ना: चंद सिक्के कमाने के लालच में फौज की नई बनी गाडिय़ों में प्राइवेट व्यापारियों के समान की ढुलाई करने का गंभीर मामला सामने आया है। सेना की गाडिय़ों को जबलपुर, मध्य प्रदेश से आतंकवाद के गढ़ माने जाने वाले क्षेत्र उधमपुर, जम्मू-कश्मीर में ले जाया जाता है, जिससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि देश विरोधी ताकतें इन गाडिय़ों का प्रयोग गैर-कानूनी कामों के लिए आसानी से कर सकती हैं, जिसके देश को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

जहां आए दिन देखने में आता है कि देश की सुरक्षा के लिए देश के जवान शहादतों प्राप्त करते हैं, वहीं कुछ अधिकारी गलत तत्वों से मिलीभगत कर फौज को बदनाम कर रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार खन्ना के जी.टी.रोड पर स्थित किसी औद्योगिक इकाई के गोदाम में फौज की गाडिय़ों को खड़े देखा गया, जिनमें से लदा सामान उतारा जा रहा है। इसकी सूचना पत्रकारों को मिली तो पत्रकारों ने जा कर देखा तो फौज की नई गाडिय़ां एक गोदाम में खड़ी थीं।

इन गाडिय़ों पर सेना के वाहनों पर लगाए जाने वाले कोड नंबर लगे हुए थे, जिनमें से गोदाम स्थित मजदूर समान उतार रहे थे। मौके पर जाकर जब गाडिय़ों के चालकों के साथ बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि यह गाडिय़ां जबलपुर से तैयार होकर निकली हैं, जिनको छोडऩे के लिए वे उधमपुर जा रहे हैं। पूछने पर ड्राइवरों ने यह माना कि वे अपने खर्चे के लिए ग्वालियर से व्यापारियों का सामान भरकर लाए हैं। चालकों ने ख़ुद माना कि वे इस तरह नहीं कर सकते। चालकों ने अपने आप को निजी ड्राइवर बताया परन्तु यह इनके कपड़े आर्मी की वर्दी जैसे दिखाई दे रहे थे जिन पर आर्मी के लोगो भी लगे हुए थे।

इस संबंध में फैक्टरी के मालिक ने बताया कि हम दलालों के द्वारा माल मंगवाते हैं तथा फैक्टरी तक माल को पहुंचाने की जिम्मेदारी व्यापारी की होती है। व्यापारी कौन से साधनों द्वारा माल हमारी फैक्टरी तक पहुंचाता है इस बारे हमें कोई जानकारी नहीं होती तथा हमारे पास इस माल के पक्के बिल इत्यादि होते हैं। अब बड़ा सवाल यह पैदा होता है कि यदि ग्वालियर का कोई प्राइवेट व्यापारी कुछ पैसों के लालच में किसी अधिकारी से मिलकर फौज की गाडिय़ों का गैर-कानूनी ढंग से प्रयोग कर सकता है, यह चिंता का विषय है, क्योंकि अगर चंद सिक्कों के लिए इतनी आसानी से सेना की गाडिय़ों का दुरुपयोग किया जा सकता है।

यह देश की सुरक्षा में बहुत बड़ी कमी है। इस सारे प्रकरण से जल्दी पर्दा उठना चाहिए। इस मामलों की तह तक जाने के लिए सूत्रों से प्राप्त किए फौज के एक अधिकारी के मोबाइल नंबर पर बात की गई तो उसने इस मामले की तस्वीरों को ईमेल करने के लिए कहा और बाद में इस सम्बन्धी कोई बात करने का भरोसा दिया गया। देर शाम अधिकारियों के साथ बातचीत होने पर बताया कि मामला उच्चाधिकारियों के ध्यान में ला दिया गया है तथा इस संबंध में जांच जारी है।


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