लोकसभा चुनाव: आडवाणी पर भारी पड़े थे राजेश खन्ना!

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Tuesday, March 18, 2014-10:46 AM

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव जब 1991 में हुए थे। यह चुनाव दिल्ली सीट से भारतीय जनता पार्टी के शिखर पुरुष लाल कृष्ण आडवाणी तथा हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार राजेश खन्ना में थे। राजेश खन्ना को कांग्रेस से टिकट मिलने के दौरान कुछ नाराज कांग्रेस नेताओं ने आडवाणी की सहायता भी की थी। 

इस चुनाव में आडवाणी राजेश खन्ना से हारते-हारते बचे थे। जानकारी अनुसार जब दोबारा मतगणना हुई तब आडवाणी राजेश खन्ना से यह चुनाव केवल डेढ़ हजार मतों से जीत सके। जब चंद्रशेखर ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था उस समय देश में मध्यावधि चुनावों की घोषणा की गई। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने राजेश खन्ना को चुनावी मैदान में उतारा। लेकिन कांग्रेसी रणनीतिकारों को भी इस बात का अनुमान बिल्कुल भी नहीं था कि वह आडवाणी को इस कदर टक्कर देंगे।

चुनावों में जीत हासिल करने के लिए राजेश खन्ना नई दिल्ली के गली मुहल्लों में घर-घर जाकर अपने लिए वोट मांगने लगे। हालांकि राजेश खन्ना में पारिवारिक तनाव के बावजूद भी उनके चुनाव प्रचार के लिए उनकी पत्नी डिंपल कपाडिया और उनकी दोनों बेटियां ने उनका साथ दिया। 

राजेश खन्ना की लोकप्रियता को बढ़ते देख आडवाणी के चुनाव प्रबंधकों ने आडवाणी को संदेश दिया गया और वह अपने चुनाव प्रचार करने के लिए दिल्ली में ही रहें। चुनाव प्रबंधकों के कहने पर आडवाणी ने दिल्ली में आकर जन संपर्क किया। जब मतगणना का दिन आया तो दोनों पक्ष अपनी-अपनी तैयारियों के साथ डट गए। दोनों में मतगणना बराबर की चल रही थी।

हालांकि अभी आखिरी नतीजा नहीं आया था। राजेश खन्ना के समर्थक उसकी जीत का जश्न मनाने लगे। राजेश खन्ना ने यह मांग की कि आखिरी दौर की मतगणना दोबारा से करवाई जाए तो इस दौरान आडवाणी ने दो हजार मतों से जीत हासिल की। 


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