कुछ लोग नमो, नमो जप रहे हैं: ममता

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Tuesday, March 18, 2014-8:48 PM

पैलन: तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने आज कहा कि भाजपा के लिए आगामी लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में सरकार बनाने की खातिर पर्याप्त संख्या बल जुटाना आसान नहीं होगा। इसके साथ उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ‘‘दिन बीतने के साथ ही समीकरण धुंधला होता जाएगा।’’ ममता ने यहां पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मैं देख रही हूं कि भाजपा के सत्ता में आने के पहले ही, कुछ लोग नमो, नमो जप रहे हैं। लेकिन यह इतना आसान नहीं है। वे लोग कहां से संख्या जुटाएंगे।’’ उन्होंने कहा कि दिन बीतने के साथ ही समीकरण धुंधले होने लगेंगे।

वह विभिन्न चुनाव सर्वेक्षणों का परोक्ष रूप से जिक्र कर रही थीं जिनमें भाजपा नीत राजग और भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की जीत की संभावना व्यक्त की जा रही है। ममता ने कहा कि बंगाल सहित कई राज्यों में उनकी उपस्थिति काफी कम है। दार्जर्लिंग सीट के लिए भाजपा द्वारा गोरखा जनमुक्ति मोर्चा का समर्थन लिए जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘हम भाजनकारी राजनीति की अनुमति नहीं देते। पहाड़ी क्षेत्र में सिर्फ एक सीट के लिए वे राज्य को विभाजित करने का प्रयास कर रहे हैं।’’ उन्होंने दावा किया कि भाजपा या कांग्रेस नहीं बल्कि सिर्फ एक संघीय मोर्चा ही स्थिर सरकार दे सकेगा।

उन्होंने कहा कि चुनावों के बाद हम तीसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरेंगे। ममता ने दावा किया, ‘‘ कांग्रेस भ्रष्टाचार का प्रतिनिधित्व करती है, भाजपा एक सांप्रदायिक पार्टी है और माकपा विभाजनकारी राजनीति करती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ हमें सांप्रदायिकता के खिलाफ संघर्ष करना होगा। ’’ ममता ने कहा, ‘‘ तथाकथित तीसरा मोर्चा अवसरवादी गठबंधन है और इससे सिर्फ अस्थिरता आएगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ हम दिल्ली में परिवर्तन चाहते हैं।

हम लोगों की सरकार चाहते हैं न कि कोई ऐसी राजनीतिक सरकार जो चुनाव जीतने के बाद गैस पेट्रोल, और अन्य वस्तुओं की कीमतें बढ़ा दे।’’ ममता ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस धनी पार्टी नहीं है और चुनाव आयोग द्वारा लोकसभा चुनाव में खर्च की सीमा बढ़ाकर 70 लाख रूपए किए जाने से उनकी पार्टी के लिए देश की सभी सीटों पर लडऩा कठिन है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि चुनाव के बाद तृणमूल राष्ट्रीय पार्टी बन जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘ अभी तीन राज्यों में हमारी उपस्थिति है। चुनावों के बाद कम से कम चार राज्यों में हमारी उपस्थिति होगी...।’’


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