...तो महिलाओं को करना पड़ता है इन चुनौतियों का सामना

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Thursday, March 20, 2014-5:40 PM

नई दिल्ली: महिलाओं को पेशेवर जीवन में पुरुषों की तरह ही चुनौतियों का सामना करना पड़ता है लेकिन उन्हें दो अन्य तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है जिनमें कमतर वेतन और क्षमताओं पर संदेह शामिल है। यह बात विशेषज्ञों ने कही।

प्रवेश स्तर पर ज्यादातर संगठन महिलाओं की ठीक-ठाक नियुक्ति और प्रशिक्षण करते हैं लेकिन महिलाएं जब मध्य-प्रबंधकीय स्तर पर पहुंचती हैं तो उन्हें कंपनी में रोके रखने में मुश्किल होती है।

टाटा कम्यूनिकेशंस के मानव संसाधन विभाग के वैश्विक प्रमुख आदेश गोयल ने कहा ‘‘महिलाओं को दो वास्तविक समस्याओं का सामना करना पड़ता है जिनमें उनकी क्षमताओं को कमतर आंका जाना और अपेक्षाकृत कम वेतन शामिल है। अमेरिका में हुए अध्ययन से स्पष्ट होता है कि एक ही तरह के काम के लिए महिलाओं को औसतन पुरुषों के 77 प्रतिशत के बराबर वेतन ही मिलता है।’’

गोयल ने कहा कि अक्सर प्रोन्नतियों में महिलाओं का अनुपात कमतर होता जाता है। महिलाओं को घरेलू प्रतिबद्धताओं से रू-ब-रू होना पड़ता है जिसके कारण उन्हें मध्य-प्रबंधकीय स्तर पर नौकरी छोडऩी पड़ती है।

वैश्विक कार्यबल समाधान प्रदाता मैनपावरगु्रप के रपट के मुताबिक महिला-पुरष समानता से मानवीय संभावनाओं को बढ़ाया जा सकता है और कारोबारी नतीजा बेहतर हो सकता है। वैश्विक आर्थिक मंच के आंकड़ों के मुताबिक स्त्री-पुरष असमानता को सबसे अधिक सफलतापूर्वक खत्म करने और आर्थिक तौर पर सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी देश होने के बीच मजबूत सह संबंध है।


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