गैस डिलीवरी समय पर न होने से उपभोक्तओं में रोष

  • गैस डिलीवरी समय पर न होने से उपभोक्तओं में रोष
You Are HereUttrakhand
Friday, March 21, 2014-11:05 AM

ऋषिकेश/देहरादून: गैस की आपूर्ति करने वाली गैस एजैंसियों द्वारा ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को समय पर डिलीवरी नहीं देने के कारण लोगों में रोष है। इसके चलते आए दिन राष्ट्रीय राजमार्ग हो या ग्रामीण क्षेत्रों के मुख्य चौराहे, केंद्र सरकार तथा गैस एजैंसी संचालकों की कार्यप्रणाली के विरोध में उपभोक्ताओं को चक्का जाम एवं आंदोलन कर अपने रोष प्रकट करना पड़ रहा है।

इस पर प्रशासन का भी कोई अंकुश न होने के कारण उपभोक्ताओं को ब्लैक में 450 रुपए का सिलैंडर 1500 रुपए में खरीदने के लिए विवश होना पड़ रहा है। इससे उपभोक्ताओं की गाढ़ी कमाई गैस सिलैंडरों पर जाया हो रही है। ऐसा नहीं है कि इस बात की जानकारी प्रशासन को नहीं है।

डिलीवरी देने वाले कर्मचारी खुले आम कहते फिर रहे हैं कि ब्लैक में बेची जा रही गैस का लाभांश अधिकारियों को भी पहुंचाना पड़ रहा है। हालांकि सरकार की इंडेन द्वारा ब्लैक में बेची जा रही गैस पर नियंत्रण करने हेतु उपभोक्ताओं का कम्प्यूटर में लेखा-जोखा रखा जा है, उसके बावजूद भी कालाबाजारी रुकने का नाम नहीं ले रही है।

सरकारी आंकड़ों पर विचार करें तो गांवों में 30 प्रतिशत लोग ही फिलहाल एल.पी.जी. रसोई गैस की सुविधा का लाभ ले रहे हैं जबकि इससे दोगुने से अधिक उपभोक्ता भोजन पकाने के लिए ईंधन के लिए लकड़ी, कैरोसिन और उपलों का प्रयोग करते हैं। फिलहाल जितने उपभोक्ता गैस कनैक्शन लिए हुए हैं उन्हें सिस्टम से सुविधा मुहैया कराने पर विचार करने की बजाय सरकारी स्तर पर संख्या बल बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
 


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You