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जसवंत का पत्ता साफ

  • जसवंत का पत्ता साफ
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Saturday, March 22, 2014-1:19 PM

नई दिल्ली (सुनील पाण्डेय) : नाराजगी, नखरा और धमकी के बाद भी भारतीय जनता पार्टी ने वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह को बाड़मेर से टिकट नहीं दिया। पार्टी ने जसवंत सिंह की की जगह बाड़मेर से कर्नल सोनाराम को उतारा है। वह सांसद रह चुके हैं।

जसवंत सिंह काफी अरसे से बाड़मेर से चुनाव लडऩे की मांग कर रहे थे। यहां तक कि उन्होंने पार्टी छोडऩे की भी धमकी दी थी और अब टिकट कटने के बाद वह बगावत पर उतर आए हैं। जसवंत ने कहा है कि रविवार को वह बाड़मेर जाएंगे और सोमवार को बतौर निर्दलीय उम्मीदवार पर्चा दाखिल करेंगे।

जसवंत ने पहले भी कहा था कि ये उनका आखिरी लोकसभा चुनाव है और इसे वो अपने घर यानी बाड़मेर से ही लड़ेंगे। दूसरी ओर राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे इस सीट पर कर्नल सोनाराम को टिकट दिलाना चाहती थीं। कांग्रेस नेता कर्नल सोनाराम को कुछ दिन पहले ही वसुंधरा राजे ने दिल्ली में भाजपा में शामिल किया था।

उधर, बाड़मेर में जसवंत सिंह के घर पर भाजपा समर्थकों का जमावड़ा लगा है। उनके विधायक बेटे मानवेंद्र समर्थकों के साथ आगे की रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं। समर्थकों ने चेताया भी था कि अगर जसवंत की जगह किसी और को टिकट दिया तो वे पार्टी से सामूहिक इस्तीफा दे देंगे।

बता दें कि वर्तमान में पश्चिम बंगाल की दार्जिलिंग सीट का लोकसभा में प्रतिनिधित्व कर रहे 75 वर्षीय जसवंत सिंह ने हाल में कहा था, मैंने दार्जिलिंग  के लिए काफी कुछ किया है। अपना आखिरी चुनावमैं अपने मूल स्थान से लडऩा चाहता हूं। सिंह का गांव जासोल बाड़मेर जिले में आता है। उनके पुत्र मानवेन्द्र सिंह वहां से दो बार चुनाव लड़ चुके हैं।

पार्टी की केन्द्रीय चुनाव समिति ने राजस्थान की 4 लोकसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की आज सूची जारी की है।  इनमें सोनाराम चौधरी को बाडमेर से टिकट देने के अलावा करौली-धोलपुर (सुरक्षित) से डा. मनोज राजोरिया, अजमेर से सांवरमल जाट और पाली से पी. पी. चौधरी को उम्मीदवार घोषित किया गया है। इसमें सांवरमल जाट मिनिस्टर भी हैं।
 


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