गरीबों को मुफ्त में खाना मुहैया कराते हैं पूर्व पत्रकार

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Saturday, March 22, 2014-3:37 PM

भोपाल: आजकल के भौतिकतावादी युग में लोग निर्धनों की तरफ देखते तक नहीं है और निहित स्वार्थोंं के लिए धर्म के नाम पर मतभेद पैदा करने का प्रयास करते हैं। वहीं अल्पसंख्यक समुदाय से ताल्लुक रखने वाले एक पूर्व पत्रकार इस शहर में बगैर किसी भेदभाव के गरीबों को मुफ्त में भोजन मुहैया कराते आ रहे हैं। हर शाम 8 बजे से 200 से 250 लोगों के लिए बनाया गया खाना 48 वर्षीय मकबूल अहमद मंसूरी अपने नाज होटल पर निशुल्क वितरित करते हैं। यह होटल नादरा बस स्टैंड के सामने स्थित है और चौबीसों घंटे खुला रहता है।

मंसूरी ने यूनीवार्ता को बताया कि इस लंगर की शुरूआत पिछले साल एक मई को हुई थी और अल्लाह की मेहरबानी से खाना कभी कम नहीं पड़ा। मंसूरी सूफी अख्तर शेरी वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने बताया कि निर्धनों को शाकाहारी बिरयानी के पार्सल उपलब्ध कराए जाते हैं। हर इतवार को जब व्यस्त बाजार में आसपास की दुकाने बंद रहती हैं। तो वह गरीबों को बैठाकर रोटी सब्जी या पूडी सब्जी खिलाते हैं। हफ्ते में एक बार मिठाइयां भी परोसी जाती हैं।

कुछ अच्छे कपड़े पहने लेकिन जरूरतमंद व्यक्ति भी शर्माते हुए भोजन करते हैं। जब मंसूरी उनसे बतियातें हैं तो वे अपनी दिक्कतें बयां करते हैं और यह होटल मालिक उनको पैसे देकर भी मदद करते हैं। कुछ लोग मंसूरी के पास बीमारियों से लडऩे के लिए सहायता की गुहार लगाते हैं और वह उनकी यथासंभव मदद करते हैं।


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