सोशल मीडिया बना चुनाव आयोग का 'सिरदर्द'

  • सोशल मीडिया बना चुनाव आयोग का 'सिरदर्द'
You Are HereNational
Sunday, March 23, 2014-2:03 PM

चंडीगढ़: चुनाव में सोशल मीडिया की भूमिका भारतीय चुनाव आयोग के लिए बड़ा ‘सिरदर्द’ बन रही है। खासतौर पर उम्मीदवार के निजी सोशल मीडिया अकाऊंट व थर्ड पार्टी अकाऊंट के जरिए किए जाने वाले चुनाव प्रचार की ‘हदबंदी’ को लेकर आयोग पशोपेश में है। यही वजह है कि अब चुनाव अयोग ने इंटरनैट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया से सुझाव मांगे हैं ताकि चुनाव प्रचार के दौरान मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन पर सख्ती दिखाई जा सके।

इस बाबत आयोग मिनिस्ट्री ऑफ कम्युनिकेशन एंड इंफोर्मेशन टैक्नोलॉजी के संपर्क में भी है। चुनाव आयोग के अधिकारियों की मानें तो सोशल मीडिया को लेकर आयोग एक निर्धारित गाइडलाइंस तैयार करने की राह पर है। भारतीय चुनाव आयोग ने हाल ही में सोशल मीडिया पर चुनाव प्रचार को लेकर सख्त तैयार अख्तियार किए हैं।

25 अक्तूबर 2013 को भारतीय चुनाव आयोग ने चुनाव के दौरान सोशल मीडिया को लेकर निर्देश जारी किए थे। 18 मार्च 2014 को चुनाव के दौरान इंटरनैट के प्रयोग को लेकर पत्र जारी किया गया था। हालांकि इस पत्र में उम्मीदवार के निजी अकाऊंट व थर्ड पार्टी अकाऊंट बारे कोई गादउलाइंस नहीं है। आयोग की कोशिश है कि अगर कोई शिकायत आए तो कार्रवाई होगी या सोशल मीडिया साइट्स खुद निजी स्तर पर मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का पालन करने में सहयोग करें।

अपडेट स्टेटस ‘फार्मूला’ पेचीदा
आयोग के लिए बड़ी सिरदर्दी वह सोशल मीडिया अकाऊंट हैं, जिसके जरिए रोजाना चुनाव प्रचार के अपडेट अपलोड किए जाते है। खुद उम्मीदवार भी अपने अकाउंट्स के जरिए विज्ञापन की शक्ल वाले

‘पोस्टर’ व ‘चुनावी सामग्री’ को अपडेट स्टेटस के जरिए ‘अटैच’ कर अपडेट कर देते हैं। चुनाव अयोग के अधिकारी मानते हैं कि अपलोड किए जाने वाले कन्टैंट बड़ा पेचीदा है। इसी को सुलझाने के लिए अब नई गाइडलाइंस तैयार करने की कोशिश की जा रही है।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You