छत्तीसगढ की छह सीटों पर दिग्गज चुनावी मैदान में

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Sunday, March 23, 2014-2:11 PM

रायपुर: छत्तीसगढ की 11 में से छह सीटों पर दिग्गज चुनावी मैदान में है जिनके परिणामों पर सभी की नजर होगी। राज्य की हाई प्रोफाईल इन सीटों में महासमुन्द, बिलासपुर, कोरबा, रायपुर, राजनांदगांव एवं दुर्ग पर कांग्रेस एवं भाजपा के दिग्गज अपनी चुनावी किस्मत आजमा रहे है। इनमें एक केन्द्रीय मंत्री एवं एक पूर्व मुख्यमंत्री शामिल है। राज्य की हाई प्रोफाईल महासमुन्द सीट से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजीत जोगी मैदान में है। इस सीट पर उनका मुख्य मुकाबला इस सीट के निवर्तमान सांसद भाजपा प्रत्याशी चन्दूलाल साहू से है। जोगी इस सीट से दूसरी बार चुनाव मैदान में है।

पहली बार वह इस सीट से 2004 में मैदान में उतरे थे और निर्वाचित हुए थे। जोगी ने 2009 में संसदीय चुनाव नहीं लडा था। राज्य की दूसरी ईप्रोफाईल सीट कोरबा है। इस सीट से केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री डा. चरणदास महंत कांग्रेस के प्रत्याशी है। उनका मुकाबला भाजपा के नए उम्मीदवार बंशीलाल महतो से है। महंत की यह सीट परम्परागत है और यहां से चुनाव लडते रहे है। यहां से उनके खाते में हार जीत दोनों दर्ज है। महंत पिछली बार राज्य में जीतने वाले कांग्रेस के इकलौते सांसद थे। उन्हे मनमोहन मंत्रिमंडल में लगभग साढे तीन वर्ष पहले शामिल किया गया था। दोमाह पहले तक वह कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष की भी कमान संभाल रहे थे। उनके चुनावी मुकाबले पर सभी की नजर होगी।

बिलासपुर सीट पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी एवं भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रह चुकी करूणा शुक्ला कांग्रेस के टिकट पर चुनावी मैदान में है। पिछला चुनाव उन्होने कोरबा से भाजपा के टिकट पर लडा था जिसमें उनको शिकस्त का सामना करना पडा था। शुक्ला ने विधानसभा चुनावों से पूर्व पिछले वर्ष भाजपा से इस्तीफा दे दिया था। लगभग एक माह पहले ही उन्होने कांग्रेस की सदस्यता ली थी। कांग्रेस ने इसके बाद उन्हे बिलासपुर सीट से मैदान में उतार दिया। उनका मुख्य मुकाबला इस सीट पर भाजपा के नए प्रत्याशी लखन साहू से है।

राजनांदगांव संसदीय सीट मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह के पुत्र अभिषेक सिंह को भाजपा प्रत्याशी बनाए जाने के कारण हाई प्रोफाईल हो गई है। अभिषेक पहली बार चुनावी मुकाबले में मैदान में उतरे है। राजनांदगांव संसदीय सीट के अन्तर्गत ही राजनांदगांव विधानसभा सीट है जिसका प्रतिनिधित्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह करते है। सिंह राजनीति में 2008 के विधानसभा चुनाव में सक्रिय है। सिह ने राजनांदगांव में अपने पिता के लिए चुनाव प्रचार कर राजनीतिक क्षेत्र में कदम रखा था। उन्होंने हाल ही में सम्पन्न विधानसभा चुनावों में भी काफी अहम भूमिका निभाई थी। उन्हें इस सीट के निवर्तमान भाजपा सांसद मधुसूदन यादव का टिकट काटकर मैदान में उतारा गया है।

रायपुर सीट से भाजपा संसदीय दल के सचेतक रमेश बैस लगातार छठवीं बार मैदान में है। अटल मंत्रिमंडल के सदस्य रहे बैस इस सीट से लगातार पांच बार चुनाव जीत चुके है। बैस के खिलाफ कांग्रेस अभी तक प्रत्याशी ही तय नही कर सकी है। राजधानी की सीट होने के कारण राजनीतिक रूप से इसे काफी अहम माना जाता है। भाजपा महिला मोर्चे की अध्यक्ष सरोज पांडेय के दूसरी बार दुर्ग सीट से चुनाव लडने के कारण यह सीट भी हाई प्रोफाईल हो गई है। पांडेय ने इस बार सीट बदलने की कोशिश की थी पर पार्टी ने उनको फिर यहीं से मैदान में उतारा दिया है। उनका सीधा मुकाबला कांग्रेस के ताम्रध्वज साहू से है। साहू बहुलता वाली इस सीट पर होने वाले रोचक मुकाबले पर सभी की नजर होगी। नक्सली आतंक के लिए देश में अपनी पहचान रखने वाले बस्तर की संसदीय सीट पर आम आदमी पार्टी(आप) ने सोनी सोढी को मैदान में उतार कर इस सीट को सुर्खियों मे ला दिया है। सोनी सोढी वर्षो तक नक्सली गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में जेल में बन्द रह चुकी है। उच्चतम न्यायालय द्वारा कुछ पूर्व ही उन्हे जमानत दी गई है।


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