भाई-भाई न रहा: राहुल-वरुण के बाद चिरंजीवी-पवन में दूरियां

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Monday, March 24, 2014-9:56 AM

नई दिल्ली: जहां एक ओर राजनीति में हम वंशवाद की बात कर रहे हैं वहीं यह जान लेना भी जरूरी है कि कुछ रिश्ते ऐसे भी हैं जो होकर भी नहीं हैं। इसकी सबसे बड़ी मिसाल हैं चचेरे भाई राहुल गांधी और वरुण गांधी। दोनों के बीच कितनी दूरियां हैं यह कई बार लिखा जा चुका है। सब जानते हैं कि ये एक ही नदी के दो किनारे हैं जो कभी नहीं मिल सकते। कुछ ऐसी ही कहानी दक्षिण भारतीय राज्य आंध्र प्रदेश में देखने को मिल रही है। केन्द्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता व तेलगु फिल्मों के सुपर स्टार चिरंजीवी की भी अपने छोटे भाई पवन कल्याण से पटरी नहीं खाती है। तेलगू फिल्मों के प्रसिद्ध अभिनेता पवन ने पिछले सप्ताह जन सेना पार्टी का गठन किया।

 

उन्होंने शुक्रवार को अहमदाबाद में मोदी से मुलाकात की थी और प्रधानमंत्री पद के लिए उनकी उम्मीदवारी का समर्थन किया था। यह चिरंजीवी को बिल्कुल रास नहीं आया है। चिरंजीवी ने शनिवार को कहा कि पवन को मोदी से नहीं मिलना चाहिए था, क्योंकि वह गोधरा के बाद गुजरात में हुए दंगों में संलिप्तता के आरोपी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे यकीन है कि मेरा भाई धर्मनिरपेक्ष है, लेकिन भाजपा के साम्प्रदायिक कहे जाने वाले प्रमुख नेता से उसके मिलने को लेकर मुझे हैरानी है।’’

 

चिरंजीवी ने कहा, ‘‘पता नहीं मेरे भाई को इसकी जानकारी भी है कि नहीं कि मोदी गोधरा के बाद हुए गुजरात दंगों में संलिप्तता के आरोप झेल रहे हैं। आंध्र प्रदेश में कांग्रेस के चुनाव प्रचार अभियान पर निकले चिरंजीवी ने कहा, ‘‘यदि मेरे भाई ने मोदी से स्पष्टीकरण मांगने के बाद उनसे मुलाकात की है तो हो सकता है कि मैं इसे स्वीकार कर लूं।’


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