खुलासा, आर्मी के पास 20 दिनों की लड़ाई के लिए भी गोला-बारूद नहीं!

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Monday, March 24, 2014-2:14 PM

नई दिल्ली: सबसे शक्तिशाली सेना इंडियन आर्मी के पास युद्धसामाग्री की भारी कमी हो गई है। एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक लगभग 12 लाख जवानों और ऑफिसरों वाली भारतीय सेना के पास गोला-बारूद की भारी कमी हो गई है। टैंकों, वायु रक्षा प्रणाली, तोपखाना के लिए भी एम्युनिशन नहीं हैं। इतना ही नहीं भारतीय सेना के पास 20 दिनों की बड़ी लड़ाई के लिए भी अब गोला-बारूद नहीं है। गोला-बारूद के बारे में नियम यह है कि युद्ध में खप जाने वाले वेस्टेज रिजर्व कम से कम 40 दिनों के युद्ध लिए पर्याप्त होने चाहिए। कम समय टिकने वाले गोला-बारूद कम से कम 21 दिन के लिए होने चाहिए।

भारतीय सेना के चीफ जनरल विक्रम सिंह के एक बयान से जिसमें उन्होंने कहा कि सेना के पास 50 फीसदी वाक वेस्टेज रिजर्व नहीं है इसकी पुष्टि भी होती है। इसका मतलब हुआ कि उसके पास 20 दिनों की बड़ी लड़ाई के लायक भी गोला-बारूद नहीं है। अब जो प्रयास हो रहे हैं उससे 2019 तक ही स्थिति में पूरा सुधार हो सकता है।

वहीं अब सेना नई सरकार के बनने का इंतजार कर रही है ताकि 19,250 करोड़ रुपये के गोला-बारूद की खरीद हो सके। इससे ही सेना पूरी लड़ाई लडऩे में समर्थ हो सकेगी। गोला-बारूद की कमी को जल्द से जल्द दूर करना इसलिए भी जरूरी हो गया है कि सेना ने एक नया स्ट्राइक कॉप्र्स तैयार करना शुरू कर दिया है जिसमें 90,000 जवान और ऑफिसर होंगे। हिमालय पर भारत की संप्रभुता बनाए रखने के लिए यह तैयार हो रही है और सात साल में बनेगी। इसमें इंफैंट्री बटालियन, बख्तरबंद, तोपखाना और एयर डिफेंस यूनिट इत्यादि होंगे। इसके लिए बड़े पैमाने पर गोला-बारूद की जरूरत होगी। नए तोपों, हेलीकॉप्टरों, ऐंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल के आधुनिकीकरण का काम अभी अधूरा है। इसके अलावा वर्तमान हथियारों के लिए गोला-बारूद की भारी कमी होती जा रही है।
 


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