UP में चुनाव के दौरान पिछड़े बैलेंस

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Monday, March 24, 2014-6:53 PM

मुजफ्फरनगर: (राकेश त्यागी) लोक सभा चुनाव से सत्ता के सिंहासन को दिल्ली जाने का रास्ता यू.पी होकर गुजरता है। यहां जातिगत समीकरणों को ध्यान में रख कर विभिन्न राजनैतिक पार्टियां चुनाव लड़ाने का फैसला करती हैं। इस संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। इस जातिगत समीकरण के हिसाब से उत्तर प्रदेश में पिछड़ों पर दावा ठोकने के लिए बीजेपी के पीएम प्रत्याशी नरेन्द्र मोदी अपने आप को पिछड़ा बताने से नहीं चूकते। यू.पी के मुख्यमंत्री और सपा के सुप्रीमों मुलायम सिंह पिछड़ा वर्ग से आते  है  इसलिए सूबे के 20 फीसदी पिछड़े दोनों की गतिविधियों को भांप रहे हैं। यू.पी में सपा से आगे बीएसपी की टक्कर बीजेपी के साथ है।

यह संभावना जताते हुए राजनीति के जानकार मानते हैं कि पिछड़े, मुस्लिम और दलित तीनों ही लगभग बराबर हिस्सों में 60 फीसद है। बाकी बचे 40 फीसद में ब्राहम्ण, ठाकुर और बनिया आति अगड़ी जातियां शामिल है। अगड़ों का 40 फीसद वोट मोदी लहर के साथ दिख रहा है। वहीं दूसरी तरफ 40 प्रतिशत मुस्लिम और दलित बीजेपी को नहीं के बराबर मिलने की पुर जोर संभावना जताई गई। इस तरह से सियासत में पिछड़े निर्णायक बताए गए। इसकी तुलना पिछले लोकसभा के हुए 2 चुनावों से करते हुए कहा गया कि उस दौरान 50 फीसदी वोट कांग्रेस और बीजेपी को मिला था।

पिछले लोकसभा चुनाव वर्ष 1999 व 2009 के चुनाव में मात्र 2 फीसदी के अंतर से  कांग्रेस ने दूसरे दलों के गठजोड़ कर सरकार बना ली थीं। इस बार यह अंतर बढऩे की संभावना से इंकार नहीं किया गया। इस बार कांग्रेस का जनाधार खिसकने की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा है। यू.पी में सपा और कांग्रेस को तीसरे या चौथे नंबर पर रखा जा रहा है। यहां बीजेपी और बसपा की टक्कर बताई जा रही है। यहां दलित बीएसपी के साथ और मुस्लिम बीजेपी हराने को एक जुट बताए गए। इस बार पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 10 सीटों सीटों पर पहले चरण के तहत चुनावी बिसात बिछ चुकी है।

प्रत्याशियों ने जोर-शोर से एक दूसरे को पछाडऩे की सियासी रणनीति तय कर ली हैं। खुफिया विभाग ने पुलिस-प्रशासन को बड़े नेताओं के कार्यक्रमों को लेकर आगाह कर दिया है। खुफिया रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने सूबे के मुखिया अखिलेश यादव के साथ ही अन्य बड़े नेताओं के जनपद आगमन की तैयारियों को अंतिम रूप देना प्रारम्भ कर दिया है।

Edited by:Rakesh Tyagi

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