इशारों-इशारों में आडवाणी, राजनाथ और मोदी को खरी-खरी सुना गए भागवत

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Tuesday, March 25, 2014-4:54 PM

नई दिल्ली: भाजपा में कुछ वरिष्ठ नेताओं को किनारे किए जाने से उपजे विवाद के बीच राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि यात्रा को सफल बनाने के लिए समय के अनुरूप बदलाव जरूरी है। भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की मौजूदगी में भागवत ने यहां एक कार्यक्रम मेंं कहा कि ‘बदलाव जरूरी है’। हालांकि उन्होंने सीट बंटवारे के विवाद को लेकर भाजपा मेंं जारी घमासान की ओर सीधे तौर पर इशारा नहीं किया।

 

आरएसएस के मुख्यपत्र ‘ऑर्गेनाइजर’ और ‘पांचजन्य’ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भागवत ने यह बात कही। समय के अनुसार जो भी बदलाव जरूरी होते हैं, उन्हें करना चाहिए ताकि यात्रा सफल और स्थिर हो।’’ ऐसे समय में जब भाजपा आडवाणी और जसवंत सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं को एक किनारे करने के साथ एक तरह के बदलाव का सामना कर रही है, भागवत की टिप्पणियां महत्व रखती हैं। आडवाणी पिछले हफ्ते खुद को भोपाल से उम्मीदवार न बनाए जाने से नाराज हो गए थे। उन्हें उनकी इच्छा के विपरीत भोपाल की जगह गांधीनगर से खड़ा किया गया। हालांकि बाद में आडवाणी ने पार्टी के फैसले को स्वीकार कर लिया।

 

राजनाथ सिंह और मोदी को भी भागवत ने बिना नाम लिए कहा कि अनुकूल परिस्थियों में ज्यादा सावधानी रखनी पड़ती है और पर्याप्त सावधानी से चलना पड़ता है। यानी ज्यादा आत्मविश्वास की जरूरत नहीं। भागवत ने कहा कि पतंग तभी तक आकाश में खुला विचरण करती है जब नीचे किसी के हाथ में डोर रहती है और अगर ये डोर हाथ से निकल जाएगी तो पतंग संभल नहीं पाएगी। वहीं, जसवंत सिंह राजस्थान के बाड़मेर से चुनाव लडऩा चाहते थे लेकिन उन्हें वहां से उम्मीदवार नहीं बनाया गया जिसके बाद सिंह ने भाजपा छोड़ दी और निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान मेंं उतर गए।


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