MP में भाजपा के दो-तिहाई चेहरे बदले

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Tuesday, March 25, 2014-1:16 PM

भोपाल: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव बदले हुए चेहरों के सहारे लड़ रही है। आलम यह है कि राज्य के 29 संसदीय क्षेत्रों में से इस बार 20 क्षेत्रों से बदले हुए चेहरे मैदान में है। इस तरह दो-तिहाई उम्मीदवार बदल दिए गए हैं। भाजपा को आगामी लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश से उम्मीद है कि इस बार यहां पार्टी 29 सीटों में से अधिकांश जीतेगी, इसकी वजह भी है क्योंकि राज्य में भाजपा की लगातार तीसरी बार सरकार बनी है। पार्टी ने देश के लिए मिशन 272 बनाया है तो राज्य में मिशन 29 पर जोर-शोर से काम जारी है। पिछले चुनाव पर नजर दौड़ाई जाए तो पता चलता है कि भाजपा ने 29 में से 16 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि कांगे्रस 12 स्थानों पर ही जीत हासिल कर पाई थी। एक स्थान पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को जीत मिली थी।

पार्टी ने इस बार राज्य में जीत के लिए पिछली बार की सूची में बड़ा बदलाव किया है। पिछले चुनाव में मैदान में उतारे गए 29 उम्मीदवारों में से सिर्फ नौ ही इस बार मैदान में हैं। जिन लोगों पर पार्टी ने दोबारा दाव नहीं लगाया है, उनमें नौ सांसद हैं। जिन नौ सांसदों को दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया गया है, उनमें से तीन विधानसभा का चुनाव जीत चुके हैं। पार्टी ने जहां विधायक बन चुके तीन सांसदों को दोबारा मौका नहीं दिया है, वहीं मुरैना से सांसद नरेंद्र सिंह तोमर को ग्वालियर से उम्मीदवार बनाया है। इसके अलावा वर्तमान सांसद भिंड से अशोक अर्गल, दमोह से शिवराज लोधी, खजुराहो से जितेंद्र सिंह बुंदेला, भोपाल से कैलाश जोशी, सीधी से गोविंद मिश्र, खरगोन से मनक सिंह सोलंकी का टिकट काट कर नए लोगों को मौका दिया है।

भाजपा ने पिछला चुनाव जीतने वाले सिर्फ सात सांसदों -विदिशा से सुषमा स्वराज, इंदौर से सुमित्रा महाजन, जबलपुर से राकेश सिंह, सतना से गणेश सिंह, टीकमगढ़ से वीरेंद्र खटीक, बैतूल से ज्योति धुर्वे और ग्वालियर से नरेंद्र सिंह तोमर पर भरोसा जताया है। पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी को जिन स्थानों पर पराजय का सामना करना पड़ा था, उनमें से रीवा, शहडोल, छिंदवाड़ा, होशंगाबाद, राजगढ़, देवास, उज्जैन, मंदसौर के उम्मीदवारों को बदल दिया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार दावा करते आ रहे हैं कि राज्य से अनुपातिक तौर पर देश में पार्टी के सबसे ज्यादा उम्मीदवार मध्य प्रदेश से ही जिताकर देंगें और नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाकर रहेंगे। मिशन 29 की बात नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज व प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी कहते आ रहे हैं। भाजपा द्वारा देश में मोदी और राज्य में शिवराज चौहान की लहर के दावों के बीच बदले हुए चेहरों से चुनाव लडऩे की रणनीति राजनीतिक कयासबाजी को भरपूर मौका दे रही है। सवाल उठ रहे हैं कि यह ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने का फार्मूला है या अपने विरोधियों को सबक सिखाने की रणनीति का हिस्सा।


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