भाजपा से 5 घंटों में इस कारण बाहर हुए प्रमोद मुतालिक...

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Thursday, March 27, 2014-10:33 AM

नई दिल्ली: रविवार को जब प्रमोद मुतालिक को भाजपा की कर्नाटक इकाई के शीर्ष नेताओं की उपस्थिति में पार्टी में शामिल किया गया तो मीडिया और सोशल नैटवर्किंग वैबसाइट्स पर इसका पुरजोर विरोध शुरू हो गया। कुछ ही घंटों के बाद दिल्ली में भाजपा के नेतृत्व ने इस फैसले से खुद को अलग कर लिया और मुतालिक को पार्टी का सदस्य स्वीकार करने से इंकार कर दिया लेकिन वे 5 घंटे जिस दौरान मुतालिक भाजपा के सदस्य रहे, एक अहम सवाल उठाते हैं कि उन्हें पार्टी में शामिल क्यों किया गया था और बाद में निकाल क्यों दिया गया?

 

मुतालिक को पार्टी में लाने का फैसला भाजपा के कर्नाटक अध्यक्ष प्रह्लाद जोशी का था। वह धारवाड़ सीट से चुनाव लडऩे जा रहे हैं। यहीं पर मुतालिक स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लडऩे जा रहे थे। जोशी को मुतालिक के कारण हार जाने का डर था इसलिए उन्होंने उसे भाजपा में शामिल किया था। कर्नाटक की राजनीति में मुतालिक सबसे विवादित शख्सियत हैं। वह श्रीराम सेना नामक एक संगठन का नेतृत्व करते हैं। यह संगठन 2009 में सुर्खियों में आया था जब इसके सदस्यों ने मैंगलोर के एक पब में युवा महिलाओं पर हमला किया था।

 

उन्होंने महिलाओं को पब से बाहर घसीटा और सरेआम उनकी पिटाई की थी। इसे लेकर आपराधिक केस दर्ज होने और लोगों में नाराजगी के बावजूद प्रमोद मुतालिक ने कहा कि वह वैलेंटाइन्स-डे के मौकों पर प्रेमी जोड़ों पर हमले करने के लिए श्रीराम सेना के सदस्यों को प्रोत्साहित करना जारी रखेंगे। इस घटना से भाजपा को भारी परेशानी झेलनी पड़ी थी जो कि 2008 में जीतकर कर्नाटक में सत्ता में आई थी। पहली बार पार्टी दक्षिण के किसी राज्य में सत्ता सुख भोग रही थी।

 

भाजपा पर आरोप लगा कि उसने श्रीराम सेना जैसे संगठनों को खुली छूट दे रखी है। जनता के दबाव के कारण भाजपा को कर्नाटक के 11 जिलों में मुतालिक के खिलाफ 45 मामले दर्ज करने पड़े थे। कई विश्लेषकों का मानना है कि मुतालिक को संघ परिवार ने पैदा किया। वह 1975 में स्वयंसेवक संघ में शामिल हुए, 2004 में दक्षिण भारत में बजरंग दल के कन्वीनर बन गए जो कि संघ का सबसे कट्टर संगठन है। मुतालिक ने कई ङ्क्षहसक प्रदर्शनों में हिस्सा लिया। आपराधिक संगठनों से सांठगांठ होने के कारण 2005 में आर.एस.एस. को उन्हें निकालने पर मजबूर होना पड़ा। 2006 में मुतालिक ने श्रीराम सेना की स्थापना की।


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