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नारे हैं, नारों का क्या...

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Saturday, March 29, 2014-4:02 AM

नई दिल्ली: जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते जा रहे हैंं, नए-नए नारे सुनाई दे रहे हैं। इन नारों में राजनीतिक दल जहां अपनी उपलब्धियों का बखान और वादे करते हैं, वहीं उनकी कोशिश दूसरे दलों का माखौल उड़ाने की भी रहती है। पिछले कुछ महीनों में हमने देखा है कि भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी सभी ऐसे नारे उछाल रही हैं जिनसे उनके समर्थकों में उत्साह पैदा हो।

इनमें से कुछ नारे विवाद भी पैदा करते हैं, जैसे ‘हर हर मोदी’, जिसकी कांग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत भी की है। गौरतलब है कि भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी वाराणसी से चुनाव लड़ रहे हैं जहां उनके समर्थक ‘हर हर महादेव’ की जगह ‘हर हर मोदी’ का नारा लगा रहे थे। इसी तरह कांग्रेस के मैनीफैस्टो को भाजपा ने ‘खोखले नारे’ करार दिया है। आइए देखते हैं, इस चुनाव में अलग-अलग दलों के कुछ चॢचत नारों को:
* अबकी बार, मोदी सरकार
* नई सोच, नई उम्मीद
* कांग्रेस हटाओ, देश बचाओ
* वोट फॉर इंडिया
* कांग्रेस मुक्त भारत
* कांग्रेस मुक्त भारत निर्माण
* एक वोट, एक नोट (वन वोट, वन नोट)
* मोदी फॉर पी.एम.
* चाय पे चर्चा
* मोदी कहता है, भ्रष्टाचार को रोको,
वो कहते हैं, मोदी को रोको
* मोदी कहता है, महंगाई को रोको,
वो कहते हैं, मोदी को रोको
* मोदी कहता है, अन्याय को रोको,
वो कहते हैं, मोदी को रोको
* हमारा एक ही एजैंडा है-विकास
उनका एक ही एजैंडा है-मोदी का विनाश
* बहुत हुआ भ्रष्टाचार
अबकी बार मोदी सरकार
*बहुत हुआ रोजगार का इंतजार
अबकी बार मोदी सरकार
*बहुत हुआ नारी पर वार
अबकी बार मोदी सरकार
*बहुत हुआ घोटालों का व्यापार
अबकी बार मोदी सरकार


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