शादी की सालगिरह पर सजी कमांडर राजी की चिता

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Sunday, March 30, 2014-2:21 PM

लखनऊ: शादी के समय जब वर-वधू सात फेरे लेते हैं तो साथ में वादा होता है सात जन्मों के साथ का भी। वर-वधू दोनों साथ में जिदंगी बिताने की कसमें खाते हैं। शादी के बाद पहली सालगिरह हो या 25वीं किसी के लिए भी ये दिन खास ही होता क्योंकि इस दिन कितनी ही यादें जुड़ी होती है लेकिन उस समय उस इंसान पर क्या बीतती होगी जब शादी की ही सालगिरह पर साथी का साथ हमेशा के लिए छूट जाए। कुछ ऐसा ही हुआ विंग कमांडर राजी नायर की पत्नी स्मिता के साथ। विंग कमांडर राजी नायर की 12वी सालगिरह थी और वे इस दिन को मनाने के लिए वे अपनी पत्नी और दोनों बच्चों को लेकर आगरा आए थे लेकिन होनी को कुछ और ही मजूंर था।

 

राजी गुरुवार को घर से गए तो उनका पार्थिव शरीर घर पहुंचा। हरक्युलिस विमान हादसे में जान गंवाने वाले विंग कमांडर राजी नायर के पिता केसीएस नायर टीबी हास्पिटल से रिटायर्ड हैं और मां भी एसएस मेडिकल कालेज में मैट्रन पद से रिटायर हो चुकी हैं। बेटे की मौत की खबर सुनने के बाद सदमे में पहुंचे मां-बाप और पत्नी की देखरेख के लिए एयरफोर्स ने दो डाक्टरों को घर भेजा था, जो पूरी रात उनके साथ रहे और स्वास्थ्य जांच के साथ उन्हें ढांढस बंधाते रहे।

 

शनिवार सुबह एयरफोर्स पार्थिव शरीर लेने गए परिजनों के साथ महिला जवान पूरे समय उनके साथ रहीं और देखरेख करती रहीं। राजी नायर की पत्नी स्मिता एयरक्राफ्ट क्रैश होने की खबर के बाद से ही सुध-बुध खो चुकी थीं और बूढ़े पिता और मां रोते हुए एक-दूसरे को दिलासा देते रहे। वहीं दोनों मासूम बच्चे पापा के आने की उम्मीद में नजरें गड़ाए रहे। दोनों मासूम नहीं समझ पाए कि उनके पिता के साथ हुआ क्या है। पार्थिव शरीर घर पहुंचने पर सैकड़ों लोग नायर परिवार के साथ दुख की घड़ी में साथ रहे। एयरफोर्स की गाड़ी में तिरंगे लिपटे ताबूत के उतरते ही आंसुओं का जो सैलाब बहा, मानो पूरा शहर रो पड़ा।


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