इंदिरा के सबक मोदी के लिए

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Monday, March 31, 2014-3:53 PM
नई दिल्ली: जसवंत सिंह ने दावा किया है कि भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने फिलहाल एमरजैंसी की याद दिला दी है। थोड़ा और पीछे जाएं (हालांकि भाजपा में अभी इसकी आशंका नहीं दिखती) तो 1969 को याद कर सकते हैं, जब इंदिरा ने पुरानी कांग्रेस की जगह नई कांग्रेस बना ली थी। जसवंत कुछ हद तक सही कर रहे हैं। नरेंद्र मोदी और इंदिरा गांधी में कुछ समानताएं दिखती हैं तो कुछ अंतर भी हैं। मोदी, इंदिरा से सबक लेकर आगे बढ़ेें तो सफल हो सकते हैं।
 
समानताएं
इंदिरा गांधी
-कांग्रेस में एक ताकतवर ग्रुप इंदिरा के खिलाफ गया था, जिसे सिंडिकेट कहा जाता था।
-इंदिरा गांधी कांग्रेस का पर्याय बन गई थीं, नारा दिया था -इंदिरा इज इंडिया एंड इंडिया इज इंदिरा 
-बांग्लादेश के निर्माण के बाद भाजपा के ही अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें दुर्गा की उपाधि दी थी। 
नरेंद्र मोदी
-जाने अनजाने भाजपा के ओल्ड गाड्र्स (बुजुर्ग नेता) मोदी के विपरीत नजर आ रहे हैं।
-भाजपा ने खुद स्वीकार कर लिया है, अबकी बार भाजपा सरकार नहीं, अबकी बार मोदी सरकार
-हर हर महादेव की तरह हर हर मोदी नारा उछालकर मोदी को शिव जैसा दर्शाया गया।
 
-1975 में एमरजैंसी के दौरान देश में सिर्फ एक नाम सुनाई देता था इंदिरा
-2014 के लोकसभा चुनावों में सारी चर्चा मोदी पर आकर सिमट गई है

अंतर 
-1967 में बतौर प्रधानमंत्री पहला चुनाव लडऩे पर इंदिरा कांग्रेस को 283 सीटें दिलवाईं थी। उसके बाद 1971 में उन्होंने पार्टी को 352 सीटें दिलाकर इतिहास रच दिया था।  
-उनकी उपलब्ध्यिों में बैंकों का राष्ट्रीयकरण, प्रिवीपर्स की समाप्ति शहरी संपत्ति और आय की सीलिंग, अनाज का जनता में वितरण, आयात निर्यात पर राज्य का नियंत्रण जैसे समाजवादी फैसले हैं  
-इंदिरा ने पुराने दिग्गज कांग्रेसी नेताओं को दरकिनार तब किया, जब 1971 में बांग्लादेश निर्माण की उपलब्धि उनके खाते में थी और वह पार्टी की एक मात्र नेता स्वीकारी जा चुकी थीं। 
-मोदी को अभी इस मोर्चे पर खुद को साबित करना है उनके नेतृत्व में एन.डी.ए. की सरकार बनाने के लिए जरूरी 272 का आंकड़ा मुश्किल लग रहा है।
-मोदी कॉरपोरेट की फंडिंग और उन्हीं की प्रेरणा से विकास करना चाहते हैं। उनका एजैंडा बीमार सरकारी उद्यमों की जगह प्राइवेट सैक्टर को बढ़ाना है।
-मोदी ने पुराने नेताओं को किनारे लगाना शुरू कर दिया है, जबकि उनका प्रधानमंत्री कार्यालय पहुंचना अभी बाकी है।





 

 


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