इस मंदबुद्धि परिवार की नहीं ले रहा कोई सार

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Monday, March 31, 2014-1:07 PM

सरहाली कलां: राज्य सरकार की तरफ से सेहत सहूलतों के बारे किए जा रहे सभी दावे खोखले साबित हो रहे हैं क्योंकि चाहे कांग्रेस सरकार हो, चाहे बादल सरकार, इन्होंने गरीबों की कोई सहायता नहीं की परन्तु अखबारों की मुख्य समाचार में रोज दावे किये जा रहे हैं। कुछ परिवार मन्दबुद्धि होने के कारण घरों से मांग कर अपना पेट पाल रहे हैं, जिसका उदाहरण कस्बा सरहाली कलां के एक बाज़ीगर बिरादरी परिवार से सम्बन्धित नूरां नाम की औरत और उस के बेटे गुरप्रीत गोपी  से मिलती है, एक पड़ोसी परिवार इनकी संभाल कर रहा है। कुछ देर पहले एक जाट सिख परिवार ने घर में दरवाज़ा और दीवार करके इस की मदद की थी। कुछ दिन पहले पंजाब केसरी की तरफ से इन मां-बेटे की ख़बर प्रकाशित की गई थी, जिस बदले एक बुज़ुर्ग ने इनकी सहायता की। जो काम सरकार का है, उन सहूलतें से खाली यह परिवार घरों से मांग कर अपना पेट पाल रहा है क्योंकि यह रोटी पकाने में भी असमर्थ हैं।

 नूरां का पति मेलों में ढोल बजा कर टाईम पास कर रहा था, जिस की कुछ देर पहले ही मौत हो गई। इस के बाद इस मन्दबुद्धि परिवार का कोई सहारा न रहा क्योंकि स्वास्थ्य विभाग देने वाली सरकार ने गोपी मन्दबुद्धि का मैडीकल सर्टिफिकेट भी नहीं बना कर दिया, बल्कि स्वास्थ्य विभाग  ने तबाह -ख्वारी ही किया क्योंकि परिवार की सहायता करने वाला परिवार खुद अपना गुज़ारा बहुत मुश्किल के साथ कर रहा है। लोगों ने कहा कि इस परिवार ने मीडिया के द्वारा सरकार और जत्थेबंदियां से मांग की परन्तु कोई भी इसकी सार नहीं ले रहा, जिस कारण यह परिवार एक कमरे में रह कर अपना गुज़ारा बहुत मुश्किल के साथ कर रहा है। यहां तक की इन्होंने स्वास्थ्य विभाग से सहायता की गुहार लगाई लेकिन परंतु बेटे का सर्टिफिकेट बनाने के लिए अस्पतालों में  काफी चक्कर मारने पड़े पर किसी ने भी इनका हाथ नहीं थामा।
 


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