मोदी का यथार्थ स्वीकार करना होगा : अशोक चक्रधर

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Tuesday, April 01, 2014-2:13 PM

नई दिल्ली : 63 साल के जाने माने कवि अशोक चक्रधर को पद्म श्री सम्मान से नवाजा गया है। अशोक मानते हैं कि अवार्ड मिलना और देना अच्छी बात है। हालांकि उन्होंने कहा कि इसके लिए कभी कामना नहीं की। न ही 63 साल की उम्र में यह देर से मिला। उनके शब्दों में जब मिला, तब मिला। इसी मौके पर उनसे एक खास बातचीत की अभिषेक आनन्द ने...

1951 से 1963 तक का सफर।कैसे देखते हैं अपनी जिंदगी को? 

बहुत सामान्य नहीं रहा। सर्कमर्क रहा। वैवैधपूर्ण रहा। 1962 में लालकिले के  कवि सम्मेलन में पहली बार हिस्सा लिया था। हमेशा सकारात्मक सोच रखी। कथनी करनी में अंतर नहीं रखा। शुरू में जनसंघ की शाखा में जाता था, युद्ध कौशल सीखता, लेकिन भारत-चीन युद्ध के बीच यह सोच पनपने लगी कि युद्ध क्यों? प्यार क्यों नहीं?

आपके आइडियल कौन थे?

मेरे पिता मेरे आदर्श रहे। राधेश्याम प्रगल्भ उनका नाम था। कवि थे। वे ही मेरे काव्य गुरु हुए। हालांकि अगर आप मुझसे पूछेंगे तो मैं कहूंगा, मुझे नहीं मालूम कि मैं कवि हूं या नहीं। कविता की परिभाषा पर अलग-अलग बात होती रहती है। मेरे कविता को लोग कविता मानते भी हैं या नहीं।

सोशल मीडिया पर लिखने के नए दौर को कैसे देखते हैं?

पहले जिन्हें मंच नहीं मिलता था। वे भी अब लिख रहे हैं। 3-4 कमैंट तृप्त होने के लिए काफी हो सकते हैं। सोशल मीडिया से जनतंत्रीकरण हुआ है,  लेकिन इससे फसल लहलहा रही है पर वटवृक्ष नहीं हो रहे। 

बड़े लेखन की राह में सोशल मीडिया बाधा बन रही है?

बाधा नहीं बन रही,  लेकिन समय बहुत खाती है। अगर मेरे पेज पर एक हजार लाइक आते हैं और कमैैंट भी, तो उन्हें देखते हुए मेरा काफी वक्त निकल जाता है। अगर मैं जवाब नहीं दूं, तो मुझे किसी दूसरी नजर से देखा जा सकता है। मेरी खुद की भी दिलचस्पी होती है यह जानने में कि कौन मेरे बारे में क्या लिख रहा है। दूसरी ओर इससे एकांत भी आहत होता है।

अभी के चुनावी माहौल पर क्या कहेंगे ?

काफी भ्रम है। सब गढ़मढ़ हो गया है। कोई इधर से उधर जा रहा है, तो कोई उधर, लेकिन मोदी की हवा तो है। कांग्रेस के खिलाफ लोग गुस्से में हैं। ऐसा नहीं है कि सारे ही लोग उस पार्टी में बुरे हैं, लेकिन लोगों में ऐसी छवि बनी है। 

मोदी के समर्थन पर काशीनाथ सिंह की आलोचना हुई थी, आपकी भी हो तो?

आलोचना कौन लोग कर रहे हैं,जो यथार्थ है उसे स्वीकार करना होगा। संकीर्ण दायरे में देखने वाले आलोचना कर सकते हैं। हालांकि मैं किसी दल का सदस्य नहीं हूं। 


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